देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी, क्योंकि इसे पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है और नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग की जाएगी, जिसमें मकानों और घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
इस चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनके जरिए घर, परिवार और उपलब्ध सुविधाओं की पूरी तस्वीर सामने आएगी। हालांकि, इस दौरान आपकी आय, बैंक बैलेंस या आधार-पैन जैसी निजी जानकारी नहीं पूछी जाएगी।
क्या-क्या बताना होगा?
पहले चरण में मुख्य रूप से मकान और परिवार से जुड़े सवाल होंगे। इसमें भवन संख्या, मकान की बनावट, दीवार और छत में इस्तेमाल सामग्री, मकान की स्थिति (अच्छी, रहने योग्य या जर्जर) और उसका उपयोग (आवासीय या अन्य) शामिल है।
इसके अलावा परिवार से जुड़ी जानकारी जैसे- घर में रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग (SC/ST/अन्य) के बारे में पूछा जाएगा। मकान अपना है या किराए का, यह भी दर्ज किया जाएगा।
सुविधाओं पर भी होगी पूछताछ
जनगणना में घर की सुविधाओं पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। इसमें कमरों की संख्या, पीने के पानी का स्रोत, बिजली, शौचालय, ड्रेनेज, नहाने और रसोई की सुविधा के बारे में जानकारी ली जाएगी।
साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि घर में टीवी, रेडियो, इंटरनेट, मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर जैसी डिजिटल सुविधाएं हैं या नहीं।
वाहन और डिजिटल पहुंच की जानकारी
घर में उपलब्ध वाहनों- जैसे साइकिल, स्कूटर, बाइक और कार/जीप की जानकारी भी देनी होगी। इससे लोगों के जीवन स्तर और संसाधनों का आकलन किया जाएगा।
क्या नहीं पूछा जाएगा?
सरकार ने साफ किया है कि जनगणना के दौरान कुछ निजी जानकारियां नहीं मांगी जाएंगी।
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मासिक आय या बैंक बैलेंस
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आधार, पैन या कोई पहचान पत्र
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बैंक खाता नंबर या OTP
क्या है जियो-मैपिंग?
इस बार जनगणना में जियो-रेफरेंसिंग (जियो-मैपिंग) तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब है कि हर घर की सटीक लोकेशन को डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी मकान छूटे नहीं और किसी घर की गिनती दो बार न हो।
खुद भी भर सकते हैं जानकारी
इस बार लोगों को ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ का विकल्प भी दिया गया है। यानी आप चाहें तो ऑनलाइन पोर्टल के जरिए करीब 15 मिनट में खुद अपने घर की जानकारी भर सकते हैं।
कुल मिलाकर, जनगणना 2027 तकनीक के इस्तेमाल और पारदर्शिता के लिहाज से एक बड़ा कदम है, जो देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की सटीक तस्वीर पेश करेगा।
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