उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद एक बेटी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। गायत्री वर्मा, जो एक साधारण परिवार से आती हैं, ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की पीसीएस(UPPSC PCS 2024 Result) परीक्षा में 210वीं रैंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि से घर में खुशी का माहौल है और क्षेत्र के लोगों में भी गर्व की भावना देखने को मिल रही है।
गायत्री की सफलता अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे कई असफलताओं से जूझने की कहानी है। उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था। पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा तक भी नहीं पहुंच सकीं, जबकि दूसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा में असफल रहीं। इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।
आर्थिक चुनौतियों के बीच की पढ़ाई
गायत्री की पढ़ाई का सफर भी आसान नहीं रहा। उन्होंने इंटरमीडिएट तक की शिक्षा बुलंदशहर में पूरी की, जबकि आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें अलीगढ़ में अपने ननिहाल जाना पड़ा। उनके पिता राजकुमार एक छोटी सी टायर पंक्चर की दुकान चलाते हैं, जिससे परिवार का गुजारा मुश्किल से होता है। सीमित आय के कारण पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कई बार आर्थिक दिक्कतें आईं, लेकिन परिवार ने हर संभव सहयोग दिया और गायत्री ने भी अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटने दिया।
संघर्ष के साथ सपनों ने ली ऊंची उड़ान
गायत्री ने बताया कि उन्होंने अपनी तैयारी ज्यादातर ऑनलाइन माध्यम से की और पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। वहीं, उनके पिता ने बताया कि उनकी रोज की आमदनी 200 से 400 रुपये के बीच होती थी, जिससे घर चलाना ही चुनौतीपूर्ण था। कई बार बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्हें ब्याज पर पैसे तक उधार लेने पड़े।
बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए उनके पिता ने कहा कि वह चाहते हैं कि गायत्री आगे चलकर ईमानदारी से काम करे और समाज में भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो। गायत्री की यह कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।