भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पड़ोसी देशों के साथ जल्द ही युद्ध की आशंका जताई है। आईआईटी मद्रास में भारतीय सेना अनुसंधान प्रकोष्ठ (IARC) ‘अग्निशोध’ के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा, “अगला युद्ध जल्द ही हो सकता है और हमें इसके लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।”
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ज़ोर देकर कहा कि इस बार हमें मिलकर युद्ध लड़ना होगा। हाल ही में सामने आए एक वीडियो के कारण उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया है। सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि सीमा पर तनाव बढ़ने के साथ ही भारतीय सेना को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।
ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना का पराक्रम
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस सैन्य अभियान के दौरान सरकार ने सेना को पूरी आज़ादी दी थी। उन्होंने इसे एक ‘ग्रे ज़ोन’ ऑपरेशन बताया, जिसमें पारंपरिक युद्ध की रणनीति का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “हम शतरंज खेल रहे थे। हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी, और न ही पाकिस्तान को हमारी रणनीति का अंदाज़ा था।” इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया, जिससे पाकिस्तान को करारा जवाब मिला। जनरल द्विवेदी ने कहा कि इस दौरान सेना ने सटीक और त्वरित कार्रवाई की, जिससे दुश्मन को भारी नुकसान हुआ।
रणनीतिक स्वतंत्रता और भविष्य की चुनौतियाँ
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय सरकार की स्पष्ट नीति और सेना को दी गई स्वतंत्रता को दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी रणनीतिक स्वतंत्रता सेना का मनोबल बढ़ाती है। साथ ही, भविष्य की चुनौतियों पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि सेना को गैर-पारंपरिक युद्धों के लिए भी तैयार रहना होगा। भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारतीय सेना की तैयारियाँ और तकनीकी प्रगति
आईआईटी मद्रास में आयोजित इस कार्यक्रम में सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने तकनीकी नवाचारों पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘अग्निशोध’ जैसे प्रयास सेना को भविष्य के युद्धों के लिए और अधिक सशक्त बनाएंगे। भारतीय सेना नई तकनीकों और रणनीतियों को अपनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
