अयोध्या स्थित राम मंदिर(Ram Mandir) में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में अदालत ने गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश रजत वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से हुई सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया है।
सुनवाई के दौरान सभी आरोपी जेल से ऑनलाइन ही अदालत के सामने पेश हुए। न्यायाधीश ने सभी आरोपियों की बात सुनी और उसके बाद न्यायिक हिरासत की मांग को स्वीकार कर लिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
आरोपियों की पैरवी को लेकर बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला
आपको बता दें कि चंदा चोरी के इस कथित मामले में आरोपियों को अदालत से भी बड़ा झटका फैजाबाद बार एसोसिएशन ने दिया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि संघ की ओर से ये फैसला लिया गया है कि आरोपी बनाए गए सभी लोगों की ओर से कोई भी सदस्य अदालत में पैरवी या वकालत करने के लिए आगे नहीं आएगा।
वहीं, उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति आरोपियों की ओर से वकालतनामा दाखिल करता भी है तो उसे एसोसिएशन के नियमानुसार प्रत्येक आरोपी के लिए पांच लाख रूपये की रााशि जमा करनी होगी। इसके अलावा संघ का कहना है कि इस राशि का इस्तेमाल कानूनी प्रक्रिया से जुड़े खर्चों में किया जाएगा।
मामले में कौन-कौन है आरोपी?
मामले में जिन आठ लोगों के नाम आरोपी के रूप में सामने आए हैं उनमें अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।
SIT जांच के बाद हुई कार्रवाई
इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के पूर्व चालक रहे रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब मंदिर में मिले चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच और FIR की मांग तेज हुई। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगी।