उत्तर प्रदेश के शहरों में रात में सड़कों पर वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ सरकार नया नियम लागू करने जा रही है। नगर निगमों में रात में वाहन पार्क करने वालों से सरकार अपना पार्किंग शुल्क वसूलेगी। इसके लिए सरकार की ओर से जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार एक रात के लिए 100 रुपये, एक सप्ताह के लिए 300 रुपये और एक महीने के लिए 1,000 रुपये शुल्क लेगी।
प्रदेश के कई शहरों में लोग रात में अपने वाहन सड़क पर पार्क कर देते हैं। यह पार्किंग निशुल्क है, यानी इसके लिए सरकार या नगर निगम की ओर से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। लेकिन सरकार जल्द ही इसके लिए व्यवस्था लागू करने जा रही है। रात में सड़क पर वाहन पार्क करने वालों से पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा।
पार्किंग नीति क्यों जरूरी है?
प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने राज्य नगर निगम अनंतिम नियमावली-2024 की जानकारी देते हुए इस पर सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों से सुझाव मिलने के बाद इस पर विचार किया जाएगा और आपत्तियों का निराकरण करने के बाद कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद नई पार्किंग नीति लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरों में पार्किंग न होने के कारण नगर निगम मनमाने तरीके से पैसे वसूलता है। इससे अवैध पार्किंग भी बढ़ी है।
क्या बोले प्रमुख सचिव नगर विकास
प्रमुख सचिव नगर विकास ने कहा कि नगर निगम द्वारा मनमाने तरीके से पार्किंग का ठेका लेने और पैसे वसूलने के कारण शहरी क्षेत्रों में अवैध पार्किंग बढ़ी है। प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने जानकारी देते हुए बताया कि नियोजित पार्किंग के लिए नगर विकास विभाग को नई नीति लाने का निर्देश दिया गया था। उसके आधार पर जल्द ही नई पार्किंग नीति लाई जाएगी। नई पार्किंग नीति पर नगर विकास अधिकारी ने कहा कि इससे निकायों की आय में काफी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियां भी शहरों में पार्किंग ठेके के लिए टेंडर डाल सकेंगी।

