केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल करेगी। इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा प्रशासन ने AI आधारित प्रणाली के मूल्यांकन के लिए एक तकनीकी कमेटी के गठन को मंजूरी दे दी है।
45 दिन में रिपोर्ट देगी कमेटी
बता दें कि गठित तकनीकी मूल्यांकन कमेटी को 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यह रिपोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। कमेटी की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर ई-गवर्नेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करेंगे। इसके सदस्यों में नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) के स्टेट इन्फार्मेटिक्स अधिकारी, कश्मीर विश्वविद्यालय के प्रो. माजिद जमान, एनआईटी श्रीनगर के डॉ. शबीर अहमद सोफी और आईआईटी जम्मू के डॉ. मृमोय भट्टाचार्य शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के उप सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है।
ACB अधिकारी को बनाया गया नोडल संपर्क
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एआईजी (प्रशासन) को इस छह सदस्यीय कमेटी के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट नियुक्त किया गया है। वहीं, सदस्य सचिव कमेटी की बैठकों के समन्वय और कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी संभालेंगे। कमेटी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का तकनीकी, वित्तीय, प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं से व्यापक मूल्यांकन करेगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परियोजना के उद्देश्य, दायरा और समयसीमा व्यावहारिक और सरकारी नीतियों के अनुरूप हों।
सुरक्षा और स्केलेबिलिटी पर भी फोकस
कमेटी AI प्रणाली की तकनीकी संरचना, डिजाइन, इंटरऑपरेबिलिटी, स्केलेबिलिटी और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की भी गहन समीक्षा करेगी। उद्देश्य यह है कि प्रस्तावित प्रणाली सभी सरकारी मानकों पर खरी उतरे और लंबे समय तक प्रभावी रूप से काम कर सके।
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