Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपने सांसद राघव चड्ढा के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें उपनेता पद से हटा दिया है। पार्टी ने उनकी जगह अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया है। इस संबंध में पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भी भेज दिया है।
राज्यसभा में बोलने पर भी लगी रोक
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को यह भी निर्देश दिया है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब चड्ढा लगातार जनहित के मुद्दों पर मुखर रहते हुए सदन में अपनी बात रख रहे थे।
अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन से अलग रुख
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राघव चड्ढा पर आरोप था कि वे बिना पार्टी से चर्चा किए कई मुद्दे उठाते थे और यह भी नहीं बताते थे कि वे सदन में किस विषय पर बोलने वाले हैं। इससे पार्टी के अन्य सांसदों को बोलने का अवसर कम मिल रहा था।
महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी भी बनी वजह
सूत्रों के अनुसार, कुछ अहम मौकों पर चड्ढा की चुप्पी भी पार्टी नेतृत्व को खटक रही थी। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी उनका कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया था। इसके अलावा दिल्ली शराब मामले में जमानत जैसे मुद्दों पर भी वे खुलकर नहीं बोले।
पार्टी में अंदरूनी कलह की चर्चा
इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस फैसले के पीछे की आधिकारिक वजह साझा नहीं की गई है, लेकिन इसे अनुशासन और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
सक्रिय सांसद रहे हैं राघव चड्ढा
राघव चड्ढा राज्यसभा में कई अहम मुद्दे उठाते रहे हैं। इनमें ‘राइट टू रिकॉल’, मध्यम वर्ग पर बढ़ता टैक्स बोझ, खाद्य पदार्थों में मिलावट, गिग वर्कर्स की सुरक्षा और एयरपोर्ट पर महंगे खाने-पीने की शिकायतें शामिल हैं।
पहले निभा रहे थे अहम जिम्मेदारी
संजय सिंह के जेल में होने के दौरान राघव चड्ढा को अनौपचारिक रूप से उपनेता की जिम्मेदारी दी गई थी और वे कई अहम बहसों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। फिलहाल, इस पूरे मामले पर राघव चड्ढा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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