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चंडीगढ़ में बनेगा ‘हाई लाइन’ जैसा ग्रीन कॉरिडोर, पेड़ों की ऊंचाई पर मिलेगा न्यूयॉर्क जैसा नजारा…

चंडीगढ़(Chandigarh) को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक नई पहल की गई है। शहर के मेयर सौरभ जोशी ने ‘स्काई-गार्डन’ नाम से एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ाना है, बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम देना है। इस योजना को फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) की बैठक में प्रस्तुत किया गया, जहां इसे शहर के भविष्य के विकास के विजन के रूप में देखा गया।

यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट एक अत्याधुनिक एलिवेटेड पैदल मार्ग होगा, जो जमीन से ऊपर पेड़ों की ऊंचाई के बीच बनाया जाएगा। यहां लोग प्रकृति के करीब रहते हुए सैर कर सकेंगे और शहर के खूबसूरत दृश्यों का आनंद ले पाएंगे। यह पहल दुनिया के मशहूर प्रोजेक्ट्स जैसे न्यूयॉर्क के ‘हाई लाइन’ और सिंगापुर के ‘ओसीबीसी स्काईवे’ से प्रेरित है, जिससे चंडीगढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है।

अर्बन लेयरिंग से बढ़ेगी हरियाली

मेयर ने बताया कि यह योजना ‘अर्बन लेयरिंग’ की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें पैदल चलने के रास्तों को जमीन से ऊपर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे नीचे की जमीन को हरियाली, फूलों की क्यारियों और लैंडस्केपिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस कदम से शहर की ग्रीन कवर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है और पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष फोकस

इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्विन मॉडलिंग जैसी तकनीकों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पुराने और विरासत पेड़ों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा, स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जो रोशनी के प्रदूषण को कम करेगा और पक्षियों व अन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखेगा।

पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयन की प्रक्रिया

‘विकसित चंडीगढ़ 2047’ के विजन के तहत मेयर ने इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि शहर के 9 से 10 प्रमुख पार्कों और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां इस परियोजना को पायलट आधार पर शुरू किया जा सके। निर्माण में वेदरिंग स्टील और लाइट-पारगम्य डेकिंग जैसे टिकाऊ मटेरियल का उपयोग किया जाएगा, जिससे सूरज की रोशनी और बारिश का पानी प्राकृतिक रूप से जमीन तक पहुंचता रहे।

मेयर सौरभ जोशी ने इस परियोजना को चंडीगढ़ के लिए एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि यह शहर की योजनाबद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए उसे वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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