मालेगांव में हुए धमाके को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने गुरुवार को इस मामले के सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है, लेकिन कोर्ट के 17 साल के लंबे इंतजार के बाद आए फैसले के बाद अब इस मामले ने एक अहम मोड़ ले लिया है।
इस मामले की जांच में शामिल रहे पूर्व ATS अधिकारी महबूब मुजावर ने खुलासा करते हुए कहा कि उनके ऊपर RSS प्रमुख मोहन भागवत को गिरफ्तार करने का दबाव बनाया गया था, जिसके लिए उन्हें ऐसा करने के लिए बड़े अधिकारियों से आदेश भी मिला था।
उन्होंने बताया है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को गिरफ्तार करने का आदेश उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया था, साथ ही उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें मालेगांव ब्लास्ट केस के प्रमुख जांच अधिकारी परमवीर सिंह ने ये आदेश दिया था।

