आखिर क्यों खामेनेई की तस्वीर जलाकर सिगरेट सुलगा रही लड़कियां ?

ईरान में स्थानीय मुद्दों से शुरू हुआ जनआक्रोश अब बड़े स्तर के विरोध में बदल चुका है। गहरे आर्थिक संकट, सख्त सामाजिक नियमों और राजनीतिक दमन से नाराज़ जनता सड़कों पर उतर आई है

Jan 10, 2026 - 15:31
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आखिर क्यों खामेनेई की तस्वीर जलाकर सिगरेट सुलगा रही लड़कियां ?

ईरान में स्थानीय मुद्दों से शुरू हुआ जनआक्रोश अब बड़े स्तर के विरोध में बदल चुका है। गहरे आर्थिक संकट, सख्त सामाजिक नियमों और राजनीतिक दमन से नाराज़ जनता सड़कों पर उतर आई है। इस बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ नारे तेज हो गए हैं और “तानाशाह गद्दी छोड़ो” जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं।

इसी उथल-पुथल के बीच ईरानी महिलाओं ने विरोध का एक नया, प्रतीकात्मक तरीका अपनाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिलाएं खामेनेई की तस्वीर जलाकर उसी आग से सिगरेट सुलगाती नजर आ रही हैं। इसे तीन साल पहले महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए हिजाब-विरोधी आंदोलन की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। यह विरोध न सिर्फ राजनीतिक सत्ता को चुनौती देता है, बल्कि महिलाओं पर थोपे गए सामाजिक और धार्मिक प्रतिबंधों के खिलाफ खुला संदेश भी है।

कानून और व्यवस्था को सीधी चुनौती

ईरान में सर्वोच्च नेता की छवि का अपमान गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे में उनकी तस्वीर जलाना अपने आप में अत्यंत जोखिम भरा कदम है। वहीं सार्वजनिक रूप से महिलाओं का सिगरेट पीना भी सामाजिक-धार्मिक रूप से हतोत्साहित रहा है। दोनों कार्यों को एक साथ कर महिलाएं स्पष्ट कर रही हैं कि वे सत्ता और पितृसत्तात्मक नियमों - दोनों को ठुकराती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्रतीकात्मक विरोध सरकार के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं। इनमें बड़े जुलूसों की जरूरत नहीं पड़ती, संदेश तुरंत समझ में आता है और सोशल मीडिया के जरिए यह देश-विदेश में तेजी से फैलता है।

महसा अमीनी की मौत से भड़का विद्रोह

सितंबर 2022 में 22 वर्षीय महसा अमीनी को कथित हिजाब उल्लंघन के आरोप में तेहरान में गिरफ्तार किया गया था। हिरासत में उनकी तबीयत बिगड़ी और तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने मारपीट के आरोप लगाए, हालांकि सरकार ने इनकार किया। उनकी मौत के बाद देशभर में व्यापक प्रदर्शन हुए, जिन्हें 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे बड़ा जनआंदोलन माना गया। इस दौरान दर्जनों लोगों की मौत हुई और हजारों गिरफ्तारियां हुईं। #MahsaAmini हैशटैग वैश्विक स्तर पर करोड़ों बार इस्तेमाल हुआ।

विरोध के नए-नए तरीके

उस दौर में प्रदर्शनकारियों ने छोटे, तेज ‘फ्लैश मॉब’ जैसे तरीकों को अपनाया, सड़कों को जाम करना, प्रतीकात्मक वस्तुओं को निशाना बनाना और मौलवियों की पगड़ियां गिराना। विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। खामेनेई की तस्वीर से सिगरेट सुलगाने का ट्रेंड इसी व्यापक प्रतीकात्मक प्रतिरोध की नई अभिव्यक्ति है।

आर्थिक संकट ने बढ़ाया आक्रोश

फिलहाल ईरान महंगाई, बेरोजगारी, खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी और मुद्रा रियाल की गिरावट से जूझ रहा है। ताजा विरोध तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से शुरू होकर देश के सभी 31 प्रांतों तक फैल गया। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (HRANA) के अनुसार, हालिया अशांति में कम से कम 34 प्रदर्शनकारियों और चार सुरक्षा बलों की मौत हुई है, जबकि करीब 2200 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। सरकार आर्थिक शिकायतों को जायज बताती है, लेकिन कई जगहों पर आंसू गैस और बल प्रयोग भी किया गया।

क्षेत्रीय मोर्चे पर भी दबाव

क्षेत्रीय स्तर पर भी ईरान की स्थिति कमजोर हुई है। हाल के महीनों में इज़रायल ने गाज़ा, लेबनान, यमन और इराक में ईरान समर्थित गुटों पर हमले तेज किए हैं। सीरिया में बशर अल-असद के हटने से भी तेहरान का प्रभाव घटा है। विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू असंतोष और बाहरी दबाव—दोनों मिलकर खामेनेई के शासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।

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