क्या है ‘पैक्स सिलिका' ? जिसका भारत बनने जा रहा है स्थायी सदस्य
भारत पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि बदलते भू-राजनीतिक और तकनीकी परिदृश्य के बावजूद भारत-अमेरिका संबंध पहले से अधिक मजबूत हैं।
भारत पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि बदलते भू-राजनीतिक और तकनीकी परिदृश्य के बावजूद भारत-अमेरिका संबंध पहले से अधिक मजबूत हैं। उन्होंने कहा, “सच्चे दोस्त असहमति रख सकते हैं, लेकिन वे हमेशा समाधान निकालते हैं।”
भारत बनेगा ‘पैक्स सिलिका' का सदस्य
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत ‘पैक्स सिलिका' का सदस्य बनेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत को अगले महीने राष्ट्रों के इस समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।''
क्या है ‘पैक्स सिलिका' ?
‘पैक्स सिलिका' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये एक नई पहल है, जिसे अमेरिका ने पिछले महीने ही शुरू किया है। इसका उद्देश्य जरूरी मिनरल्स और एनर्जी इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, एआई डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, खुशहाल और इनोवेशन पर आधारित आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है।"
कौन-से देश हैं ‘पैक्स सिलिका' के मौजूदा सदस्य ?
पहले पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन में जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल थे। इसके अलावा ताइवान, यूरोपीय संघ, कनाडा और OECD ने अतिथि सदस्य के रूप में भाग लिया था। फिलहाल भारत को ‘पैक्स सिलिका' के स्थायी सदस्य बनाने पर चर्चा हो रही है।
What's Your Reaction?