Uttarakhand : फर्जी सहकारी समिति के नाम पर 300 लोगों से ठगे 7 करोड़ रुपये, नैनीताल पुलिस ने किया गिरफ्तार
जनता की गाढ़ी कमाई को ऊंचे ब्याज और सुरक्षा का लालच देकर ठगने वाले गिरोह पर नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
जनता की गाढ़ी कमाई को ऊंचे ब्याज और सुरक्षा का लालच देकर ठगने वाले गिरोह पर नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब तीन साल से फरार चल रहे करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो मुख्य आरोपी को पुलिस ने लालकुआं क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ रामनगर कोतवाली और मुखानी थाना क्षेत्र में पहले से दो मुकदमे दर्ज थे।
SSP के निर्देश पर हुआ खुलासा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में पुलिस ने इस बड़े निवेश घोटाले का पर्दाफाश किया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपितों ने फर्जी सहकारी समिति बनाकर सैकड़ों लोगों से निवेश के नाम पर भारी रकम ऐंठी और फिर गायब हो गए।
फर्जी समिति बनाकर रची ठगी की साजिश
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2017 में आरोपितों ने “देवभूमि बहुद्देशीय स्वावलंबी सहकारी समिति” के नाम से एक संस्था बनाई। इसके जरिए रामनगर, हल्द्वानी समेत आसपास के इलाकों में लोगों को ज्यादा ब्याज और निवेश की गारंटी का झांसा दिया गया। इस जाल में फंसकर करीब 300 निवेशकों ने कुल 6 करोड़ 80 लाख रुपये संस्था में जमा कर दिए। जांच में खुलासा हुआ कि सहकारी समिति के संचालकों ने पूरी रकम हड़प ली और लंबे समय तक फरार रहे। इस मामले में कोतवाली रामनगर में मुकदमा संख्या 246/23, धारा 409 के तहत केस दर्ज किया गया था।
तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता
पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी इनपुट, सर्विलांस और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए लालकुआं क्षेत्र से दोनों मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों की पहचान हेमचंद पंत निवासी हरिपुर नायक, जनपद नैनीताल और विकास दुर्गापाल निवासी डहरिया, कोतवाली हल्द्वानी के रूप में हुई है।
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