Union Budget 2026 : किस सेक्टर में सबसे ज्यादा पैसे लगाती है सरकार ? जानें क्या कहते हैं पुराने बजट के आंकड़े…
आज, 1 फरवरी 2026 को देश का बजट को पेश होने वाला है। इस बीच, आइए जानते हैं कि भारत सरकार किस सेक्टर पर सबसे ज़्यादा खर्च करती है।
आज, 1 फरवरी 2026 को देश का बजट पेश किया जाएगा। आमतौर पर बजट चर्चा के केंद्र में सड़कें, रेलवे, रक्षा या जनकल्याण योजनाएं रहती हैं, लेकिन पिछले बजट के आंकड़े यह साफ तस्वीर दिखाते हैं कि सरकार का सबसे बड़ा खर्च किस चीज में जाता है।
सरकार सबसे ज्यादा करती है ब्याज का भुगतान
बजट 2024-25 के संशोधित अनुमान और बजट एट ए ग्लांस 2025-26 के मुताबिक, सरकार के कुल खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा ब्याज भुगतान का होता है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल सरकारी खर्च का करीब 24% सिर्फ पुराने कर्ज पर ब्याज चुकाने में गया। वहीं 2025-26 में इसके बढ़कर लगभग 25% तक पहुंचने का अनुमान है।
सीधे शब्दों में समझें तो सरकार के हर एक रुपये में से लगभग 25 पैसे पुराने कर्ज को चुकाने में खर्च हो जाते हैं। इस राशि से न तो नई परियोजनाएं बनती हैं और न ही रोजगार या इंफ्रास्ट्रक्चर का सृजन होता है।
मंत्रालयों में किसको मिलता है सबसे बड़ा आवंटन?
अगर मंत्रालयों के हिसाब से देखें तो रक्षा मंत्रालय को सबसे बड़ा आवंटन मिलता है। बजट 2025-26 में रक्षा मंत्रालय के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये तय किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 10% अधिक है।
इस बजट में सैन्य कर्मियों का वेतन, रक्षा पेंशन, हथियारों की खरीद, आधुनिकीकरण और ऑपरेशनल तैयारियों से जुड़ा खर्च शामिल होता है।
राज्यों को मिलने वाला हिस्सा
केंद्र सरकार के कुल खर्च का एक बड़ा भाग राज्यों को हस्तांतरित किया जाता है। केंद्रीय करों और शुल्कों में राज्यों की हिस्सेदारी कुल बजट का लगभग 22% रहती है। यह व्यवस्था संविधान और वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत तय होती है, ताकि राज्यों में प्रशासन और विकास कार्य सुचारू रूप से चल सकें।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास पर फोकस
इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बना हुआ है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को हर साल बड़ा बजट मिलता है, जिससे सड़क निर्माण, लॉजिस्टिक्स सुधार और आर्थिक विकास को गति दी जा सके।
ग्रामीण विकास क्षेत्र को पिछले बजट में 2.66 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इसका उद्देश्य गांवों में रोजगार सृजन, आवास, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
सब्सिडी और पेंशन खर्च
खाद्य, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर दी जाने वाली सब्सिडी कुल सरकारी खर्च का लगभग 6% हिस्सा लेती है। वहीं, सरकारी कर्मचारियों की पेंशन पर करीब 4% बजट खर्च होता है।
क्या बताता है यह पूरा आंकड़ा?
पुराने बजट आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि ब्याज भुगतान सरकार के खर्च पर सबसे ज्यादा हावी है-यह रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों से भी ज्यादा है। यही वजह है कि वित्तीय अनुशासन, सीमित उधारी और तेज आर्थिक विकास देश के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं।
यह भी पढ़ें : भारत ने न्यूजीलैंड को 4-1 से हराया,ईशान किशन ने तूफानी शतक लगाया...
What's Your Reaction?