ट्रांसपोर्ट कनाडा ने नशे में पायलट मामले को बताया गंभीर सुरक्षा उल्लंघन, 26 जनवरी तक मांगी रिपोर्ट...
वैंकूवर एयरपोर्ट पर नशे की हालत में पाए गए एयर इंडिया के पायलट का मामला बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। ट्रांसपोर्ट कनाडा ने इसे सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन बताया है और 26 जनवरी तक एक्शन रिपोर्ट मांगी है।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की शिकायत के आधार पर ट्रांसपोर्ट कनाडा ने एअर इंडिया के खिलाफ एक बड़ी सुरक्षा चूक को रेखांकित किया है। आरोप है कि वैंकूवर एयरपोर्ट पर उड़ान से पहले एअर इंडिया का एक कैप्टन नशे की हालत में ड्यूटी पर मौजूद था।
ट्रांसपोर्ट कनाडा ने इस संबंध में 24 दिसंबर 2025 को एअर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों को एक औपचारिक पत्र भेजा। पत्र में बताया गया कि यह मामला 23 दिसंबर 2025 को वैंकूवर से वियना के लिए रवाना होने वाली उड़ान एआई-186 से जुड़ा है। विभाग के अनुसार, वैंकूवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर RCMP ने कैप्टन सौरभ कुमार का दो बार ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट किया, जिसमें शराब के सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें विमान छोड़ने के निर्देश दिए गए।
कनाडा के विमानन नियमों का उल्लंघन
ट्रांसपोर्ट कनाडा ने स्पष्ट किया कि यह घटना कनाडियन एविएशन रेगुलेशंस (CAR) का गंभीर उल्लंघन है। विभाग के अनुसार, इस मामले में CAR 602.02 और CAR 602.03 के साथ-साथ एअर इंडिया के विदेशी विमानन संचालक प्रमाणपत्र (FAOC) की शर्तों का भी उल्लंघन हुआ है।
विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में RCMP और ट्रांसपोर्ट कनाडा सिविल एविएशन (TCCA) की ओर से प्रवर्तन कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, एअर इंडिया को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। एयरलाइन को 26 जनवरी तक अपना विस्तृत जवाब देने को कहा गया है, जिसमें आंतरिक जांच के निष्कर्ष और उठाए गए कदमों की जानकारी शामिल होनी चाहिए।
अन्य उड़ानों को लेकर भी उठे सवाल
यह नोटिस केवल एआई-186 तक सीमित नहीं है। इससे पहले उड़ान एआई-358 और एआई-357 से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। इनमें विमान की उड़ान के लिए मंजूरी, न्यूनतम उपकरण सूची (MEL) का पालन और उड़ान क्रू के निर्णय शामिल हैं।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने अपने कारण बताओ नोटिस में कहा है कि पायलट ने बार-बार तकनीकी खामियों और सिस्टम की कमियों के बावजूद विमान को उड़ान के लिए स्वीकार किया। डीजीसीए के अनुसार, उड़ान एआई-358 के दौरान विमान के एक दरवाजे के पास धुएं जैसी गंध महसूस की गई थी, जो गंभीर सुरक्षा संकेत माना गया।
पूरे मामले पर एयर इंडिया ने दी सफाई
इस पूरे मामले पर एअर इंडिया ने सफाई दी है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि 23 दिसंबर 2025 को कॉकपिट क्रू के एक सदस्य को उड़ान से पहले ही विमान से उतार दिया गया था। इसी कारण वैंकूवर से दिल्ली आने वाली उड़ान एआई-186 को अंतिम समय में देरी का सामना करना पड़ा।प्रवक्ता के अनुसार, कनाडाई अधिकारियों ने पायलट की ड्यूटी के लिए फिटनेस को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद संबंधित क्रू सदस्य को आगे की पूछताछ के लिए ले जाया गया।
सुरक्षा नियमों के तहत एक वैकल्पिक पायलट को उड़ान संचालन के लिए नियुक्त किया गया, जिससे उड़ान में देरी हुई। एअर इंडिया ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक संबंधित पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। यदि जांच में किसी भी तरह के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो कंपनी की नीति के अनुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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