रॉकेट बने चांदी की कीमत हुई धड़ाम, वजह जानकर हर कोई हैरान!
कमोडिटी बाजार में इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। सोने और चांदी की कीमतों में ऐसा उतार-चढ़ाव आया है कि निवेशक और ट्रेडर्स हैरान रह गए हैं।
कमोडिटी बाजार में इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। सोने और चांदी की कीमतों में ऐसा उतार-चढ़ाव आया है कि निवेशक और ट्रेडर्स हैरान रह गए हैं। खासतौर पर चांदी में जिस तरह से कुछ ही घंटों में भारी गिरावट और फिर तेज रिकवरी देखने को मिली, उसने बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ा दी है।
चांदी की कीमतों में भारी गिरावट
गुरुवार रात चांदी की कीमतों में भूचाल आ गया। MCX पर चांदी कुछ ही समय में 4.20 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर से फिसलकर 3.55 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। यानी करीब 65 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान MCX पर चांदी में करीब 6 फीसदी की तेज गिरावट देखी गई।
हालांकि गिरावट के बाद चांदी ने उतनी ही तेजी से रिकवरी भी दिखाई और रात करीब 10 बजे के आसपास फिर से 4 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई। चार दिनों में 80 हजार रुपये से ज्यादा चढ़ चुकी चांदी का यह अचानक टूटना बाजार के लिए चौंकाने वाला रहा।
सोने के दाम में आई गिरावट
जब चांदी में भारी उतार-चढ़ाव चल रहा था, उसी दौरान सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। MCX पर सोना करीब 22,971 रुपये टूटकर 1,57,808 रुपये तक आ गया। गुरुवार रात सोने-चांदी दोनों में एक साथ तेज दबाव देखने को मिला।
30 जनवरी को बाजार खुलते ही फिर गिरावट
30 जनवरी 2026 की सुबह बाजार खुलते ही चांदी पर फिर से दबाव दिखा। MCX पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी सुबह करीब 9:07 बजे 19,951 रुपये गिरकर 3,79,942 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड करने लगी, जो फिलहाल 12.42 बजे 3,72,000 रुपये प्रति किलो पर है। हालांकि, बीते एक महीने में चांदी अब भी करीब 62 फीसदी की तेजी दिखा चुकी है।
सोने के भाव में भी कमजोरी बरकरार
शुक्रवार सुबह सोने में भी गिरावट जारी रही। MCX पर 5 फरवरी डिलीवरी वाला सोना करीब 7,403 रुपये टूटकर 1,62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव दिखा, जहां सोने का स्पॉट रेट 0.9 फीसदी गिरकर 5,346.42 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
क्यों टूटीं सोने-चांदी की कीमतें?
विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह निवशकों द्वारा मुनाफा लेकर बाजार से बाहर निकलना है। हालिया तेज उछाल के बाद निवेशकों ने भारी प्रॉफिट बुकिंग की, जिससे कीमतों पर दबाव आया। इसके अलावा टेक्निकल ब्रेकडाउन और डॉलर की मजबूती ने भी सोने-चांदी को कमजोर किया। डॉलर इंडेक्स में तेजी आने से निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं से हटकर डॉलर की ओर बढ़ा, जिससे बिकवाली तेज हुई।
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