PUNJAB : MNREGA में बदलाव के खिलाफ प्रस्ताव पास, पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव
MNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है
MNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है। हालांकि, इस दौरान बीजेपी के दो विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में हंगामे की स्थिति भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री भगवंत मान जब प्रस्ताव पर अपनी बात रख रहे थे, तब कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने बार-बार टोका। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने खैरा को सदन से बाहर करने का निर्देश दिया, जिसके तहत मार्शलों ने उन्हें खींचकर बाहर कर दिया।
बीजेपी का पलटवार
इस बीच, बीजेपी की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ का विरोध करने के लिए पंजाब सरकार सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार MNREGA कामगारों को गुमराह कर रही है और ग्राम स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से उनसे विरोध पत्रों पर हस्ताक्षर करवाकर नए कानून के खिलाफ झूठा माहौल बनाया जा रहा है। उनका दावा है कि कई कामगारों को यह बताए बिना फॉर्म पर साइन कराए जा रहे हैं कि वे किसका विरोध कर रहे हैं।
बीजेपी का दावा: 125 दिन का रोजगार
बीजेपी नेता ने कहा कि विकसित भारत–गारंटी रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (VB-G RAM G) के तहत ग्रामीण कामगारों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार देने का प्रावधान है। साथ ही, समय पर काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता भी सुनिश्चित किया गया है।
सरकार से सवाल
अश्वनी शर्मा ने सवाल उठाया कि जब नया कानून कामगारों के हित में है, तो पंजाब सरकार इसका विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में आप सरकार 100 दिन का रोजगार देने में भी नाकाम रही है और इस दौरान बेरोजगारी भत्ता भी नहीं दिया गया।
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