Punjab : एक बार फिर जेल में बंद अमृतपाल सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, मांगी बजट सत्र में शामिल होने की इजाजत
पंजाब के खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह ने 28 जनवरी से शुरू होने वाले संसदीय सत्र में शामिल होने की इजाज़त लेने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया है।
पंजाब के खडूर साहिब से निर्वाचित स्वतंत्र सांसद अमृतपाल सिंह ने आगामी संसद के बजट सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होने वाला है और इस मामले में सुनवाई 22 जनवरी को हो सकती है।
डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं अमृतपाल
अमृतपाल सिंह वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। अपनी याचिका में उन्होंने बताया कि वह लगभग 19 लाख से अधिक मतदाताओं के प्रतिनिधि हैं और संसद में जाकर अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। इसके लिए उन्होंने अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 19 (स्वतंत्रता के अधिकार) और 21 का हवाला दिया है।
2024 में जेल में रहते हुए लड़ा लोकसभा चुनाव
दिलचस्प बात यह है कि अमृतपाल सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव जेल में रहते हुए लड़ा था और कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों के अंतर से हराया। इस तरह वह देश के पहले सांसद बने, जिन्होंने जेल में रहते हुए चुनाव जीतकर लोकसभा में सीट हासिल की। हालांकि जीत के बावजूद अब तक वह किसी भी संसद सत्र में भाग नहीं ले पाए हैं।
अमृतपाल सिंह खालिस्तान समर्थक और वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख माने जाते हैं। उन पर कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें पुलिस पर हमला, हथियार तस्करी और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़े मामले शामिल हैं। फरवरी 2023 में दर्ज दो एफआईआर के बाद उन पर NSA लगाया गया, जिसे कई बार बढ़ाया जा चुका है।
सरकार का क्या है कहना ?
सरकार का मानना है कि यदि उन्हें बाहर आने की अनुमति दी जाती है, तो इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इससे पहले भी उनकी पैरोल, संसद सत्र में भागीदारी और गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने की याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। दिसंबर 2025 में इसी आधार पर उनकी पैरोल के लिए भी इनकार किया गया था।
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