Himachal Pradesh : पंचायत चुनाव संकट के बीच अतिक्रमण से जुड़ी नई एडवाइजरी ने उम्मीवारों की बढ़ाई मुश्किलें
हिमाचल प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राज्य में जहां चुनाव कार्यक्रम को लेकर संशय बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राज्य में जहां चुनाव कार्यक्रम को लेकर संशय बना हुआ है, वहीं अब एक नई प्रशासनिक एडवाइजरी ने उम्मीदवारों की परेशानी बढ़ा दी है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कम से कम अगले छह महीनों तक पंचायत चुनाव नहीं कराने के फैसले पर कायम है, क्योंकि प्रशासनिक और कानूनी बाधाओं के वजह से फिलहाल चुनाव कार्यक्रम तय नहीं किया जा सकता।
अतिक्रमण से जुड़ी एडवाइजरी ने बढ़ाई चिंता
चुनावी तैयारियों के बीच पंचायती राज विभाग ने एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उम्मीदवारों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण में शामिल हैं, तो वे चुनाव न लड़ें। यह एडवाइजरी राज्य चुनाव आयोग के हालिया निर्देशों के बाद जारी की गई है। विभाग ने बताया कि सरकारी जमीन का अतिक्रमण पंचायत चुनाव लड़ने के लिए सीधा अयोग्यता का आधार बनेगा।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
शिमला के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 122(1)(C) के तहत जो व्यक्ति सरकारी भूमि का अतिक्रमण करता है, वह पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होगा।
हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला
एडवाइजरी में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के 5 मई 2025 के फैसले का भी जिक्र किया गया है। उस आदेश में न्यायालय ने कहा था कि जो व्यक्ति अतिक्रमित भूमि को नियमित करने के लिए आवेदन करता है, वह भी चुनाव लड़ने का पात्र नहीं रहेगा। इस फैसले को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नामांकन और जांच प्रक्रिया के दौरान इन प्रावधानों का पालन हर स्तर पर किया जाए।
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