वक्फ संशोधन बिल की ओवैसी ने फाड़ी कॉपी, कहा- यह असंवैधानिक है
उनके इस कदम को विधेयक के विरोध के तौर पर देखा जा रहा है। ओवैसी ने कहा कि मैं वक्फ विधेयक का पुरजोर विरोध करता हूं। यह असंवैधानिक विधेयक है।

केंद्र सरकार ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है। विधेयक पर चर्चा के दौरान AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी बात रखते हुए विधेयक की कॉपी फाड़ दी। उनके इस कदम को विधेयक के विरोध के तौर पर देखा जा रहा है। ओवैसी ने कहा कि मैं वक्फ विधेयक का पुरजोर विरोध करता हूं। यह असंवैधानिक विधेयक है।
ओवैसी ने कहा कि सरकार जो कानून बना रही है, वह अनुच्छेद 26 का उल्लंघन है। भाजपा देश में झगड़े पैदा करना चाहती है। कल कलेक्टर और DM कहेंगे कि यह सरकारी संपत्ति है और वहां पोस्टर लगा देंगे। मस्जिदों को बंद कर दिया जाएगा। जब यह विधेयक पारित हो जाएगा तो देश के प्राचीन मंदिरों की रक्षा होगी, लेकिन मस्जिदों की नहीं। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में 172 संपत्तियां ASI के नियंत्रण में हैं।
शाह ने कहा कि सभी को कानून स्वीकार करना होगा
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष पर वक्फ पर प्रस्तावित कानून को स्वीकार न करने की धमकी देने का आरोप लगाया, लेकिन यह संसद से पारित कानून होगा और सभी को इसे स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए यह डर फैलाया जा रहा है कि वक्फ विधेयक मुसलमानों के धार्मिक मामलों और उनके द्वारा दान की गई संपत्तियों में हस्तक्षेप है।
जमीन किराए पर देने वालों को पकड़ना होगा
शाह ने कहा कि विपक्ष के एक सदस्य ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय इसे स्वीकार नहीं करेगा। यह कैसी धमकी है? यह संसद का कानून है, सभी को इसे मानना होगा। यह भारत सरकार का कानून है, यह सभी (नागरिक) पर बाध्यकारी है और इसे मानना होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून वक्फ संपत्तियों को बेचने वालों को इससे बाहर निकालने के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य उन लोगों को पकड़ना है जो वक्फ की जमीन को औने-पौने दाम पर सौ साल के लिए किराए पर देते हैं।
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