ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को संविधान संशोधन करने के लिए किया मजबूर - CDS जनरल अनिल चौहान
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने सैन्य और संवैधानिक ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने सैन्य और संवैधानिक ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान ने संघर्ष के दौरान अपनी गंभीर कमियों को स्वीकार किया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में बड़े संवैधानिक बदलाव
पुणे में आयोजित लोक नीति समारोह में बोलते हुए जनरल चौहान ने बताया कि अप्रैल 2025 के आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान की सफलता के कारण पाकिस्तान को अपने संविधान में संशोधन करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा पाकिस्तान ने संविधान के अनुच्छेद 243 में संशोधन कर ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी’ के अध्यक्ष पद को समाप्त कर दिया है और उसकी जगह चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का नया पद बनाया गया है। इससे अब अधिकतर सैन्य शक्तियां एक ही व्यक्ति के हाथों में केंद्रित हो गई हैं। जनरल चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल उसमें केवल विराम आया है।
टेक्नोलॉजी-केंद्रित युद्ध कौशल विकसित कर रही भारतीय सेना
CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल अब डेटा-आधारित और टेक्नोलॉजी-केंद्रित युद्ध कौशल विकसित करने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य के युद्धों में AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी की भूमिका बेहद अहम होगी। उनके अनुसार भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को AI-आधारित सैन्य क्षमता को तेजी से विकसित करना होगा।
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