बांग्लादेश में भारतीयों की एंट्री बैन, युनुस सरकार ने दिया सख्त आदेश
भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिसके चलते बांग्लादेश ने भारतीय नागरिकों पर वीज़ा प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह फैसला बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और बिगड़ते राजनीतिक माहौल के बीच लिया गया है।
भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। अब इसने ऐसा रूप धारण कर लिया है कि यूनुस सरकार की ओर से भारत के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया गया है। बांग्लादेश ने भारतीय नागरिकों के वीजा जारी करने को लेकर सख्ती और भी ज्यादा कर दी है। भारत में ये पाबंदियां कोलकाता, मुंबई और चेन्नई स्थित बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन तक बढ़ा दी गई हैं। आपको बता दें कि बांग्लादेश विदेश मंत्रालय की ओर से बुधवार की रात को इस फैसले की पुष्टि की गई, इस नए आदेश में कहा गया है कि बिजनेस और रोजगार के वीजा को छोड़कर और सभी कैटेगरी के वीजा पर अभी फिलहाल रोक रहेगी यानी बाकि वीजा सुविधाओं को अभी के लिए निलंबित कर दिया गया है।
भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव का असर अब वीजा सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। मंत्रालय के अनुसार, कोलकाता स्थित बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन में सभी कांसुलर और वीजा सेवाएं पूरी तरह निलंबित कर दी गई हैं। वहीं मुंबई और चेन्नई में भी भारतीय नागरिकों के लिए टूरिस्ट सहित अन्य श्रेणियों के वीजा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
पहले ही उठाए जा चुके थे कदम
इससे पहले 22 दिसंबर को बांग्लादेश ने भारत में स्थित अपने कई मिशनों में वीजा और कांसुलर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं। इनमें नई दिल्ली स्थित हाई कमीशन, त्रिपुरा के अगरतला में असिस्टेंट हाई कमीशन और सिलीगुड़ी का वीजा सेंटर शामिल थे। इसके अलावा असम के गुवाहाटी स्थित मिशन में भी कांसुलर सेवाएं रोक दी गई थीं।
इन फैसलों के बाद भारत में बांग्लादेशी वीजा जारी करने की प्रक्रिया केवल कुछ सीमित श्रेणियों तक सिमट कर रह गई है। कोलकाता स्थित बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन के एक अधिकारी के मुताबिक, यह निर्णय उच्च स्तर से मिले निर्देशों के तहत लिया गया है और फिलहाल सिर्फ व्यापार और रोजगार से जुड़े वीजा ही जारी किए जा रहे हैं।
भारत की ओर से भी लगी थीं पाबंदियां
गौरतलब है कि भारत ने भी 5 अगस्त 2024 के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा नियमों में कुछ सख्ती की थी। यानी दोनों देशों की ओर से वीजा व्यवस्था को लेकर एहतियाती कदम पहले से ही उठाए जा रहे थे।
आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत-बांग्लादेश संबंधों में मौजूदा तनाव और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताओं को ध्यान में रखते हुए वीजा नियमों को कड़ा किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय किसी एक घटना की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि समग्र हालात की समीक्षा के बाद लिया गया है। सरकार इस समय द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक माहौल का आकलन कर रही है, जिसके चलते वीजा सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
भारत और बांग्लादेश के रिश्ते लंबे समय तक मजबूत रहे हैं, लेकिन शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ता गया। भारत की ओर से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर चिंता जताई जा रही है। हाल के महीनों में हिंदू युवकों की मौत की खबरों पर भी भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
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