Himachal Pradesh : ‘थर्ड ईयर की स्टूडेंड ने…’, धर्मशाला छात्रा मौत मामले में आरोपित छात्रा ने किए चौंकाने वाले खुलासे
धर्मशाला में एक कॉलेज स्टूडेंट की मौत के मामले में, आरोपी छात्रों में से एक ने नए खुलासे किए हैं। उसका दावा है कि मरी हुई लड़की ने पहले भी आत्महत्या की कोशिश की थी और वह अपने पिता से डरती थी।
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित कॉलेज में छात्रा की मौत के मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। इस प्रकरण में नामजद की गई छात्राओं में से एक ने सामने आकर कई अहम दावे किए हैं। आरोपित छात्रा का कहना है कि यदि मृतका और उसकी करीबी सहेली के मोबाइल फोन की गहराई से फॉरेंसिक जांच की जाए, तो पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो जाएगी। इस छात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह यह दावा कर रही है कि मृतका ने पहले भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी।
वीडियो में उसने मृतका के साथ हुई बातचीत और मृतका के पिता से हुई फोन पर चर्चा का भी उल्लेख किया है। आरोपित छात्रा ने कहा कि इस मामले में उसका और दो अन्य छात्राओं का नाम सामने आया है, जबकि मृतका उसकी फर्स्ट ईयर की सहपाठी थी। उसने स्पष्ट किया कि न तो उसने कॉलेज में कभी रैगिंग देखी और न ही किसी तरह की रैगिंग हुई। उसके अनुसार, यह समझ से परे है कि उन पर ऐसे आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।
थर्ड ईयर की छात्रा पर रैगिंग का आरोप
छात्रा के अनुसार, शुरुआत में उसकी मृतका से कोई सीधी बातचीत नहीं थी। बाद में अन्य छात्राओं के जरिए परिचय हुआ। उसने यह भी कहा कि प्रोफेसर अशोक ने उन्हें बताया था कि मृतका के साथ रैगिंग किसी थर्ड ईयर की छात्रा द्वारा की गई थी। उसका कहना है कि मृतका को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन उन्होंने स्वयं कभी रैगिंग नहीं की। साथ ही, प्रोफेसर अशोक ने उन्हें फर्स्ट ईयर में पढ़ाया था और उनके साथ कभी किसी तरह की असहज स्थिति नहीं रही।
फर्स्ट ईयर में भी की थी आत्महत्या की कोशिश
आरोपित छात्रा ने दावा किया कि फर्स्ट ईयर के दौरान मृतका ने उसे फोन कर कहा था कि वह आत्महत्या करने जा रही है। उस समय वह अपनी एक सहेली के साथ उसे बचाने पहुंची थी और मृतका के पिता को भी इस बारे में फोन कर जानकारी दी थी। उसके अनुसार, मृतका अपने पिता से बहुत डरती थी क्योंकि वे काफी सख्त स्वभाव के थे, और इसी कारण वह हमेशा डरी-सहमी रहती थी।
उसने मांग की कि मृतका के मोबाइल फोन की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए। उसके मुताबिक, इस जांच से न सिर्फ मृतका बल्कि प्रोफेसर और अन्य आरोपित छात्राओं को भी न्याय मिल सकेगा। छात्रा ने दोहराया कि सच्चाई मृतका और उसकी सहेली के फोन डेटा में ही छिपी है।
पीड़ित परिवार से मिले खेल एवं युवा सेवाएं मंत्री
खेल एवं युवा सेवाएं मंत्री यादविंद्र गोमा पीड़ित छात्रा के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से परिवार की फोन पर बातचीत भी करवाई। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार उत्पीड़न और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवेदनशील मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार, कॉलेज में कथित रैगिंग और मारपीट के बाद छात्रा मानसिक तनाव में चली गई थी। इसके बाद 26 दिसंबर को उसकी लुधियाना के एक अस्पताल में मौत हो गई। 30 दिसंबर के बाद मृतका का एक वीडियो सामने आया, जिसके वायरल होने के बाद जांच तेज कर दी गई। धर्मशाला पुलिस ने 1 जनवरी को एक सहायक प्रोफेसर और चार छात्राओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है, जबकि विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा इस संवेदनशील मामले की गंभीरता से पड़ताल जारी है।
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