Himachal Pradesh : पूर्व सैनिक को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ठगों ने हड़पे 98 लाख रुपये
साइबर अपराधियों ने ठगी एक रिटायर्ड सैनिक को 15 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर करीब ₹98 लाख रुपये की ठगी कर ली।
साइबर अपराधियों ने ठगी एक रिटायर्ड सैनिक को 15 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर करीब ₹98 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को CBI, RBI, दूरसंचार विभाग और अदालत के अधिकारी बताकर पीड़ित को मानसिक रूप से टॉर्चर किया।
फोन और वीडियो कॉल के जरिए बनाया बंधक
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 15 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच का है। इस दौरान ठग लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित से संपर्क में रहे। उन्होंने झूठा आरोप लगाया कि उसके नाम पर एक फर्जी सिम कार्ड जारी किया गया है और वह एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल है।
गिरफ्तारी की दी धमकी
शिकायत के अनुसार, ठगों ने वीडियो कॉल पर नकली कोर्ट की कार्यवाही भी दिखाई। कॉल पर एक व्यक्ति को जज के रूप में पेश किया गया, जिसने आदेश दिया कि पीड़ित अपनी संपत्ति और बैंक खाते की रकम अदालत में जमा करे। साथ ही, उसे धमकी दी कि अगर वह आदेश का पालन नहीं करेगा तो 5 से 7 साल की सजा और गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
ठगी में गंवाए 98 लाख रुपये
इस डर और मानसिक दबाव के कारण पूर्व सैनिक ने ठगों द्वारा दिए गए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। कुल मिलाकर वह करीब ₹98 लाख रुपये गंवा बैठा। इतना ही नहीं, ठगों ने उससे यह भी कहलवाया कि वह अपने मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट और डिजिटल साक्ष्य डिलीट कर दे, ताकि कोई सबूत न बचे।
साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले की शिकायत पर मंडी जिले के सेंट्रल डिवीजन स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि ठगों की लोकेशन और खातों की ट्रांजेक्शन डिटेल खंगाली जा रही है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचने की चेतावनी - SP रोहित मलपानी
साइबर क्राइम SP रोहित मलपानी ने जनता से अपील की कि कोई भी व्यक्ति अगर खुद को सरकारी अधिकारी, कोर्ट या एजेंसी का अधिकारी बताकर डराए या पैसे मांगे, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। उन्होंने आगे कहा कि “कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी को गिरफ्तार नहीं करती। ऐसी किसी भी धमकी पर विश्वास न करें।”
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