हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, EWS आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख, लाखों परिवारों को मिलेगा लाभ

सरकार के मुताबिक संशोधित आय सीमा राज्य में सिविल पदों और सेवाओं में प्रत्यक्ष भर्ती के साथ-साथ सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए लागू होगी। इससे पहले 25 फरवरी 2019 को जारी आदेशों के तहत EWS श्रेणी के लिए वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपए निर्धारित थी।

Jan 15, 2026 - 09:22
 15
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, EWS आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख, लाखों परिवारों को मिलेगा लाभ

Haryana सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को बड़ी राहत देते हुए आरक्षण का लाभ लेने के लिए वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए कर दी है। यह निर्णय केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। मुख्य सचिव कार्यालय (CSO) की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है।

सरकार के मुताबिक संशोधित आय सीमा राज्य में सिविल पदों और सेवाओं में प्रत्यक्ष भर्ती के साथ-साथ सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए लागू होगी। इससे पहले 25 फरवरी 2019 को जारी आदेशों के तहत EWS श्रेणी के लिए वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपए निर्धारित थी। समीक्षा के बाद अब इसे बढ़ाकर 8 लाख रुपए प्रतिवर्ष करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि आय सीमा में बदलाव के अलावा पहले जारी अन्य सभी निर्देश यथावत रहेंगे।

सरकारी ऑर्डर की कॉपी...

अक्टूबर 2025 में लागू हुई थी EWS पॉलिसी

हरियाणा सरकार ने अक्टूबर 2025 में EWS पॉलिसी लागू की थी। यह पॉलिसी उन परिवारों के लिए बनाई गई है, जो लंबे समय से किराए के मकानों, झुग्गियों या अस्थायी आवासों में रहकर अपने घर का सपना देख रहे थे। इस पॉलिसी को हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने तैयार किया था और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ विभाग को दी गई।

पॉलिसी के तहत हर लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी में 20 प्रतिशत प्लॉट और हर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में 15 प्रतिशत फ्लैट EWS वर्ग के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित किए गए हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को भी मुख्यधारा की कॉलोनियों में रहने का अवसर मिलेगा।

EWS वर्ग को मिलने वाले प्रमुख लाभ

हरियाणा में EWS श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसके अलावा RTE अधिनियम के तहत कक्षा 1 से 3 तक मुफ्त शिक्षा, चिराग योजना के तहत कक्षा 4 से 12 तक वित्तीय सहायता, तथा विभिन्न आवास योजनाओं और सब्सिडी का लाभ भी मिलता है।

हर साल रिन्यू कराना होता है प्रमाणपत्र

EWS प्रमाणपत्र सामान्य वर्ग के उन परिवारों के लिए होता है, जिनकी वार्षिक आय तय सीमा के भीतर होती है। यह प्रमाणपत्र आमतौर पर एक वर्ष के लिए वैध होता है और इसे हर साल रिन्यू कराना अनिवार्य है। आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपए किए जाने से अब ज्यादा से ज्यादा परिवार केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow