Haryana सरकार ने चिराग योजना में किया बड़ा बदलाव, करीब 32 लाख लोगों को मिलेगा फायदा
हरियाणा सरकार ने शिक्षा से जुड़ी चिराग योजना में बड़ा बदलाव करते हुए इसकी वार्षिक आय सीमा बढ़ा दी है।
हरियाणा सरकार ने शिक्षा से जुड़ी चिराग योजना में बड़ा बदलाव करते हुए इसकी वार्षिक आय सीमा बढ़ा दी है। अब 8 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवार भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। इस फैसले से प्रदेश के करीब 32 लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
चिराग योजना का किया विस्तार
अब तक चिराग योजना के तहत केवल 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को शामिल किया जाता था। सरकार की ओर से दूसरी कक्षा से 12वीं तक पढ़ने वाले छात्रों की फीस सीधे निजी स्कूलों को दी जाती थी। आय सीमा बढ़ने के बाद योजना का दायरा बढ़ गया है, जिससे मध्यम वर्ग के कई परिवार भी इसके दायरे में आ गए हैं।
क्या है चिराग योजना?
चिराग योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का अवसर दिया जाता है। पहले यही व्यवस्था नियम 134-A के तहत लागू थी, जिसे खत्म कर सरकार ने चिराग योजना की शुरुआत की। इस योजना के अंतर्गत सरकार निजी स्कूलों को प्रति छात्र मासिक फीस का भुगतान करती है- जिसमें कक्षा 2 से 5 तक ₹700 हर महीने, कक्षा 6 से 8 तक ₹900 हर महीने और कक्षा 9 से 12 तक ₹1100 हर महीने दिए जाते हैं।
लकी ड्रा से होगा दाखिला
छात्र और उनके अभिभावक दोनों योजना के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। यदि किसी स्कूल में सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो प्रवेश लकी ड्रा के जरिए किया जाएगा। ड्रा अभिभावकों की मौजूदगी में निकाला जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 13 मार्च से 30 मार्च तक होगा। इसके बाद 1 से 5 अप्रैल के बीच लकी ड्रा होगा और 1 से 15 अप्रैल तक दाखिला प्रक्रिया की जाएगी।
पात्रता की जरूरी शर्तें
योजना का लाभ वही छात्र ले सकेंगे जिन्होंने पिछली कक्षा सरकारी स्कूल से पास की हो। साथ ही, पिछले स्कूल से स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC) और परिवार पहचान पत्र (PPP) होना अनिवार्य है। केवल फार्म-6 भरने वाले निजी स्कूलों को ही सरकार फीस का भुगतान करेगी।
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