इन राज्य के लोगों के लिए खुशखबरी... सरकार साल के अंत तक ला रही 12 स्लीपर वंदे भारत ट्रेन
भारतीय रेलवे ने यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में अधिक आराम और सुविधा देने के लिए देश की पहली सेमी-हाईस्पीड स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस तैयार कर ली है।
भारतीय रेलवे ने यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में अधिक आराम और सुविधा देने के लिए देश की पहली सेमी-हाईस्पीड स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस तैयार कर ली है। नया मॉडल न सिर्फ अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, बल्कि इसका डिजाइन भी पूरी तरह से लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैवल को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
लंबी दूरी की यात्रा के लिए नया डिजाइन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्लीपर वंदे भारत का उद्देश्य यात्रियों को 1,000 से 1,500 किलोमीटर तक का सफर बिना थकान तय करने की सुविधा देना है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में फिलहाल 50 स्लीपर रैक बना रही है, जबकि दो रैक पूरी तरह तैयार किए जा चुके हैं। भारतीय रेलवे की योजना है कि वर्ष 2026 के अंत तक 10 से 12 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें ट्रैक पर दौड़ने लगें।
पहली स्लीपर वंदे भारत गुवाहाटी-कोलकाता के बीच चलेगी
अधिकारियों ने बताया कि पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलाई जाएगी। इसके बाद उत्तर भारत के कई रूटों पर इन ट्रेनों के चलने की संभावना है। फिलहाल दिल्ली-कटड़ा रूट पर चेयरकार वंदे भारत चलती है, लेकिन भविष्य में इसी रूट पर स्लीपर को शुरू करने की तैयारी है।
झटकों से मुक्त सफर
नई स्लीपर वंदे भारत में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। कोचों के बीच सेमी-ऑटोमैटिक कपलर लगाए गए हैं, जिससे ट्रेन के चलने और रुकने के दौरान झटके महसूस नहीं होंगे। लोको पायलट का केबिन अत्याधुनिक बनाया गया है। नए डिजाइन वाले टॉयलेट्स में पानी की बचत के साथ टच-फ्री सुविधा होगी।
182 किमी प्रति घंटे की सफल ट्रायल स्पीड
हाल ही में हुए ट्रायल रन में स्लीपर वंदे भारत ने 182 किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल की। ट्रायल के दौरान इंजन पर रखे पानी से भरे गिलास भी नहीं छलके, जो इसकी स्मूद रनिंग क्षमता को दर्शाता है।
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