अमेरिका में बड़ा आतंकी हमला टला, जाल बिछाकर ISIS से जुड़े शख्स को दबोचा

उस पर आरोप है कि वह नए साल के जश्न के दौरान एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा था। FBI के निदेशक काश पटेल ने शुक्रवार को पुष्टि की कि अधिकारियों ने समय रहते इस संभावित आतंकी हमले को विफल कर दिया।

Jan 3, 2026 - 08:49
 11
अमेरिका में बड़ा आतंकी हमला टला, जाल बिछाकर ISIS से जुड़े शख्स को दबोचा

अमेरिका में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार (2 जनवरी) को जानकारी दी कि न्यू ईयर की पूर्व संध्या पर उत्तरी कैरोलिना में इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े एक आरोपी को हमले की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है।

एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी संघीय एजेंटों ने बुधवार को 18 वर्षीय क्रिश्चियन स्टर्डिवेंट को हिरासत में लिया। उस पर आरोप है कि वह नए साल के जश्न के दौरान एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा था। FBI के निदेशक काश पटेल ने शुक्रवार को पुष्टि की कि अधिकारियों ने समय रहते इस संभावित आतंकी हमले को विफल कर दिया।

FBI निदेशक काश पटेल का बयान

FBI निदेशक काश पटेल ने अपने फेसबुक हैंडल पर लिखा, “एफबीआई और उसके सहयोगियों ने आईएसआईएस से प्रेरित एक व्यक्ति द्वारा नए साल की पूर्व संध्या पर किए जाने वाले एक और संभावित हमले को नाकाम कर दिया है, एफबीआई जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बारे में और अधिक जानकारी देंगी” उन्होंने बताया कि उत्तरी कैरोलिना की एक अदालत ने आरोपी को 7 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।

कैसे पकड़ा गया आरोपी

जांच एजेंसियों के अनुसार, FBI एजेंटों ने एक गुप्त अभियान के तहत खुद को इस्लामिक स्टेट के सदस्य के रूप में पेश किया। इस दौरान क्रिश्चियन स्टर्डिवेंट ने कथित तौर पर ISIS के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ली और स्वीकार किया कि वह जल्द ही “जिहाद” की योजना बना रहा है।

अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के मुताबिक, आरोपी ने बातचीत के दौरान खुद को “राज्य का सिपाही” बताया, जिसका अर्थ उसने ISIS से जोड़ा। इससे एजेंसियों को उसके कट्टरपंथी इरादों की पुष्टि हुई और तुरंत कार्रवाई की गई।

2022 से FBI की नजर में था आरोपी

FBI स्टर्डिवेंट से पहली बार वर्ष 2022 में परिचित हुई थी, जब वह नाबालिग था। एएफपी ने विशेष एजेंट जेम्स बार्नेकल के हवाले से बताया कि उस समय वह सोशल मीडिया के जरिए एक अज्ञात ISIS सदस्य के संपर्क में था।

हालांकि, उस वक्त उस पर कोई आपराधिक आरोप नहीं लगाया गया था। इसके बजाय उसका मनोवैज्ञानिक इलाज कराया गया था। बाद में जब उसकी ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर फिर से संदिग्ध जानकारियां सामने आईं, तो एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

इस घटना के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि नए साल और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान आतंकी साजिशों को लेकर उच्च स्तर की सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथ फैलाने की कोशिशों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

अमेरिकी प्रशासन ने एक बार फिर दोहराया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आतंकी संगठनों या उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow