Wednesday, February 18, 2026
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आर्यन का 18 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, अब इस तकनीक से बचेगी मासूम की जान

राजस्थान के दौसा जिले के कालीखाड़ गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आर्यन नाम का बच्चा बोरवेल में गिर गया। तब से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। NDRF की टीम समेत कई लोग बच्चे को बचाने में लगे हुए हैं। बोरवेल के पास एक गड्ढा भी खोदा जा रहा है। बच्चे को सीधे बोरवेल से बाहर निकालने की कोशिश भी की जा रही है।

सोमवार दोपहर तीन बजे के बाद हुआ हादसा

कालीखाड़ गांव में सोमवार दोपहर खेलते समय एक बच्चा बोरवेल में गिर गया। यह हादसा करीब साढ़े तीन बजे हुआ। बच्चे का नाम आर्यन है। हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। बच्चे को सुरक्षित निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है।

आर्यन को बचाने में लगी 3 LNT मशीन, 10 जेसीबी और 20 ट्रैक्टर

बच्चे को बोरवेल से निकालने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। बोरवेल के बगल में एक गड्ढा खोदा जा रहा है। इस काम में तीन LNT मशीनें, करीब 10 JCB और 20 ट्रैक्टर लगे हुए हैं। इसके अलावा NDRF की टीम लोहे की रिंग जैसी रॉड डालकर बच्चे को सीधे बोरवेल से बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। बच्चे को बोरवेल में और नीचे जाने से रोकने के लिए छतरीनुमा डिवाइस भी लगाई गई है।

18 घंटे से चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन

आर्यन को बचाने के लिए पिछले 18 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ चुनौतियां भी आ रही हैं। एनडीआरएफ कमांडेंट योगेश कुमार मीना के मुताबिक बोरवेल के अंदर एक भोगी फंसा हुआ है, जिससे रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है। इसलिए पहले छतरीनुमा जाल नीचे भेजा गया, ताकि बच्चा पानी में न जाए। इसके बाद रॉड के जरिए ‘एल’ आकार का उपकरण भेजा जाएगा और बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा।

NDRF की टीम नई तकनीक से बचाने का प्रयास कर रही है

दौसा कलेक्टर देवेंद्र कुमार, अन्य पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। कलेक्टर ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। साथ ही बोरवेल के पास समानांतर गड्ढा भी खोदा जा रहा है, ताकि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। सभी की कोशिश है कि बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए। पूरा प्रशासन इस काम में लगा हुआ है। सभी बच्चे की सलामती की दुआ कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी।

NDRF के कमांडेंट योगेश कुमार मीना ने बताया, ‘बोरवेल के अंदर एक बच्चे के फंसे होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है, जिसके चलते पहले छतरीनुमा जाल नीचे भेजा गया है ताकि बच्चा पानी में न गिरे, इसके बाद सड़क के जरिए एल आकार का उपकरण भेजा जाएगा और बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा।’ दौसा कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया, ‘NDRF तकनीक का इस्तेमाल कर रही है और बोरवेल के पास समानांतर गड्ढा खोदा जा रहा है ताकि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।’

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