दशहरे की छुट्टी के बाद बुधवार को खुले शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन दोपहर होते-होते बाजार में ऐसा भयंकर यूटर्न आया कि निवेशकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गईं। जियो के आईपीओ लॉन्च होने और सकारात्मक उम्मीदों के बीच बाजार ने उड़ान भरी थी, लेकिन मुनाफावसूली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और इंडिया विक्स में उछाल के चलते चंद घंटों में ही पूरा खेल पलट गया। इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों को दिन के ऊपरी स्तर से कुल 8.78 लाख करोड़ रुपये का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
शुरुआती 40 मिनट में आई जोरदार तेजी
मंगलवार को दशहरे के अवकाश के बाद बुधवार को जब बाजार खुला, तो निवेशकों को बड़ी उम्मीदें थीं, जिसकी बड़ी वजह जियो के आईपीओ की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री भी थी। उम्मीदों के अनुरूप ही बाजार के शुरुआती 40 मिनटों में निवेशकों को जबरदस्त फायदा दिखा। सेंसेक्स में 829 अंकों का शानदार उछाल आया और यह अपने दिन के उच्च स्तर 74,682.19 अंकों पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी करीब 232 अंकों की मजबूती के साथ 23,120.90 के आंकड़े को छू गया, जिससे बाजार में हर तरफ उत्साह का माहौल था।
दोपहर होते-होते बाजार में दिखा भयंकर यूटर्न
सुबह की यह तेजी दोपहर 1:45 बजे तक आते-आते टिक नहीं सकी और बाजार में बिकवाली का भारी दबाव शुरू हो गया। महज 245 मिनट के भीतर ही सेंसेक्स अपने दिन के पीक से 1,400.41 अंक लुढ़ककर 73,281.78 के स्तर पर आ गया। इसी तरह निफ्टी भी अपने शिखर से 448.65 अंक टूटकर 22,672.25 अंकों पर बंद होने की स्थिति में आ गया। जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और इंडिया विक्स में उछाल इस अचानक आई गिरावट के मुख्य कारण रहे, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।
दिग्गज कंपनियों के शेयरों में दर्ज हुई भारी बिकवाली
इस अप्रत्याशित गिरावट की चपेट में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर आ गए, जिससे बाजार की चाल पूरी तरह बिगड़ गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर बजाज फाइनेंस, आयशर मोटर्स और इटरनल के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि श्रीराम फाइनेंस और नेस्ले इंडिया के शेयर भी करीब 3 फीसदी तक कमजोर हुए। इसके अलावा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर मारुति, ट्रेंट और इंडिगो जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में ढाई फीसदी से ज्यादा की कमजोरी देखने को मिली।
निवेशकों की संपत्ति को हुआ 8.78 लाख करोड़ का नुकसान
बाजार के इस जोरदार गोता लगाने से निवेशकों की गाढ़ी कमाई को भारी चपत लगी है। जब सेंसेक्स अपने दिन के सबसे ऊपरी स्तर 74,682.19 पर था, तब बीएसई का कुल मार्केट कैप 4,68,30,040.07 करोड़ रुपये था, जो बाजार के निचले स्तर पर आते ही घटकर 4,59,51,902.24 करोड़ रुपये रह गया। यानी कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की कुल संपत्ति में 8,78,137.83 करोड़ रुपये की भारी कमी दर्ज की गई, जो सीधे तौर पर निवेशकों का बड़ा नुकसान है।
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