छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा(IPS Ankita Sharma) इन दिनों अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। दशहरे के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में उनका अलग अंदाज देखने को मिला। पारंपरिक साड़ी पहने अंकिता शर्मा ने पहले विधि-विधान से हथियारों की पूजा की और फिर AK-47 राइफल से फायरिंग की। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारी के तौर पर हथियारों के इस्तेमाल से जुड़ी अपनी पेशेवर दक्षता भी दिखाई।
दशहरे के मौके पर राजनांदगांव पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान एसपी अंकिता शर्मा ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने आधुनिक राइफल उठाकर फायरिंग की। दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा को शक्ति, सुरक्षा और कर्तव्य के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा जाता है। पुलिस और सुरक्षा बलों में भी इस अवसर पर हथियारों की पूजा की जाती है।
कौन हैं IPS अंकिता शर्मा?
अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 25 जून 1990 को दुर्ग जिले में हुआ था। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान लगातार मेहनत की और तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2017 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 203 प्राप्त की थी।
नक्सल विरोधी अभियानों में निभाई भूमिका
अंकिता शर्मा अपने सख्त पुलिसिंग अंदाज और कानून-व्यवस्था से जुड़े कामों के लिए जानी जाती हैं। अपने करियर के दौरान वह रायपुर के आजाद चौक में सीएसपी के पद पर काम कर चुकी हैं। इसके अलावा, वह खैरागढ़ जिले की पहली महिला एसपी भी रह चुकी हैं। बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनाती के दौरान उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं।
दशहरे पर शस्त्र पूजन का क्या है महत्व?
दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा का उद्देश्य शक्ति, सुरक्षा और अपने कर्तव्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। पुलिस अधिकारियों के लिए हथियारों का सही इस्तेमाल और नियमित प्रशिक्षण उनकी जिम्मेदारियों का अहम हिस्सा है। अंकिता शर्मा का साड़ी पहनकर राइफल चलाने वाला वीडियो इसी वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है। उनकी पेशेवर भूमिका और आत्मविश्वास की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।