पंजाब के अमृतसर में ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियारों और विस्फोटकों की कथित सप्लाई से जुड़े एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन प्राप्त होने की आशंका है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से एक पिस्तौल और एक हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है। पुलिस इस मामले को केवल हथियारों की बरामदगी तक सीमित नहीं मान रही, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार और विस्फोटक कहां से लाए जा रहे थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
खासा कैंटोनमेंट धमाके की जांच में भी अहम कार्रवाई
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने मई 2026 में आर्मी कैंटोनमेंट खासा के पास हुए आईईडी धमाके के मामले को सुलझाने का भी दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में कथित रूप से शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में इस मॉड्यूल के संभावित संबंध विदेशों में बैठे तस्करों और ISI ऑपरेटिव्स से सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन कड़ियों की पुष्टि के लिए जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमाके की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
हथियार और विस्फोटकों की सप्लाई के नेटवर्क की पड़ताल
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क के अन्य सदस्यों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े संपर्कों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच में इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि इस मॉड्यूल का संचालन कहां से हो रहा था और इसके स्थानीय तथा अंतरराष्ट्रीय संपर्क कौन-कौन हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा है, ताकि हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति से जुड़े पूरे तंत्र की जानकारी मिल सके।
अलग-अलग मामलों में दर्ज हुईं गंभीर धाराओं में FIR
हथियारों और विस्फोटकों की कथित सप्लाई से जुड़े मामले में अमृतसर के घरिंडा पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, खासा आर्मी कैंटोनमेंट के पास हुए आईईडी धमाके के मामले में एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच के जरिए आरोपियों की भूमिका और कथित नेटवर्क के विस्तार का पता लगाने में जुटी है।
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