लद्दाख के लोगों के लिए बहुत बड़ी खबर आई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 अगस्त 2026 को एक नया कानून पास किया है। इस कानून के तहत अब जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के जज लद्दाख में बैठकर भी मामलों की सुनवाई करेंगे। भारत सरकार के कानून मंत्रालय ने इसे सरकारी गजट में छाप दिया है। इससे लद्दाख जैसे मुश्किल और ठंडे इलाकों में रहने वाले लोगों को न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
केवल 7 दिनों में हुआ बड़ा काम
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट ने 20 अगस्त 2026 को यह फैसला लिया था। इसके बाद सिर्फ 7 दिनों के अंदर राष्ट्रपति ने इस पर मोहर लगा दी। उपराज्यपाल ने इस तेजी से काम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि सरकार लद्दाख के लोगों की कितनी परवाह करती है।
लोगों का पैसा और समय बचेगा
लद्दाख एक पहाड़ी और दूर-दराज का इलाका है। पहले लोगों को अपने कोर्ट के काम के लिए लद्दाख से बाहर जम्मू या श्रीनगर जाना पड़ता था। इससे आम लोगों, वकीलों और केस लड़ने वालों का बहुत पैसा और समय बर्बाद होता था। अब लद्दाख में ही जज बैठेंगे, जिससे लोगों का चक्कर काटना बंद होगा, पैसे की बचत होगी और फैसले भी जल्दी आएंगे।
पुराने कोर्ट वैसे ही चलते रहेंगे
नए नियम के अनुसार, हाईकोर्ट का मुख्य कार्यालय पहले की तरह अपनी जगह पर ही रहेगा। लेकिन हाईकोर्ट के मुख्य जज (चीफ जस्टिस) उपराज्यपाल की सलाह से लद्दाख में किसी भी जगह जज बैठकर केस सुनने का आदेश दे सकते हैं। अगर मुख्य जज चाहें, तो वे किसी खास केस की सुनवाई श्रीनगर या जम्मू में भी करवा सकते हैं। यह नियम बहुत जल्द पूरे लद्दाख में लागू हो जाएगा।
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