ChatGPT Privacy: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ChatGPT जैसे AI टूल्स को लेकर लोगों के मन में प्राइवेसी से जुड़े सवाल भी बढ़ रहे हैं। खासकर जब यूजर मोबाइल, लैपटॉप या किसी ऐप से संबंधित सवाल ChatGPT से पूछता है, तो यह जानना स्वाभाविक है कि क्या AI डिवाइस पर नजर रखता है, स्क्रीन देख सकता है या निजी फाइलों तक पहुंच सकता है। सच्चाई यह है कि ChatGPT को मिलने वाली जानकारी उसके इस्तेमाल किए जा रहे फीचर और दी गई अनुमति पर निर्भर करती है।
अपने आप स्क्रीन नहीं देखता
सामान्य तौर पर केवल ChatGPT ऐप को मोबाइल या कंप्यूटर में इंस्टॉल करने से यह आपकी स्क्रीन, फाइलों, कैमरा या माइक्रोफोन को अपनी मर्जी से एक्सेस नहीं करता। AI को जानकारी तभी मिलती है जब यूजर किसी फीचर के जरिए उसे उपलब्ध कराता है या संबंधित डिवाइस/सेवा की अनुमति देता है। OpenAI के अनुसार, ChatGPT में उपलब्ध फीचर्स अलग-अलग तरह के इनपुट और अनुमतियों के आधार पर काम करते हैं।
स्क्रीन शेयर करने पर क्या होता है
कुछ स्थितियों में ChatGPT को स्क्रीन की जानकारी मिल सकती है। उदाहरण के लिए, समर्थित मोबाइल ऐप में Voice के दौरान यूजर खुद Screen Share शुरू करता है। इसे बंद करने के लिए स्क्रीन-शेयरिंग कंट्रोल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए स्क्रीन शेयरिंग का मतलब यह नहीं है कि ChatGPT हर समय आपके फोन या लैपटॉप की स्क्रीन देख रहा है।
फाइलें अपने आप स्कैन नहीं होतीं
आपके डिवाइस में मौजूद हर फोटो, डॉक्यूमेंट या फाइल को ChatGPT अपने आप स्कैन नहीं करता। जब यूजर किसी फाइल या इमेज को चैट में उपलब्ध कराता है, तभी AI उस सामग्री का विश्लेषण कर सकता है। इसी वजह से जरूरी डॉक्यूमेंट, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी और अन्य संवेदनशील निजी डेटा साझा करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। OpenAI भी यूजर्स को ऐसी संवेदनशील जानकारी दर्ज न करने की सलाह देता है, जिसे वे समीक्षा या उपयोग किए जाने के लिए तैयार नहीं हैं।
प्राइवेसी सेटिंग्स का रखें ध्यान
ChatGPT में डेटा कंट्रोल के विकल्प मौजूद हैं। यूजर Settings में जाकर “Improve the model for everyone” को बंद कर सकता है। ऐसा करने पर बातचीत हिस्ट्री में रह सकती है, लेकिन वह मॉडल को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं की जाएगी। Temporary Chats भी हिस्ट्री में सेव नहीं होते और मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाते।
Computer History ने बढ़ाई चर्चा
हाल में ChatGPT के Mac ऐप के लिए “Computer History” फीचर की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह ऑप्ट-इन फीचर यूजर की कंप्यूटर गतिविधियों से जुड़ी जानकारी को याद रखने में मदद करता है, ताकि बाद में पुराने काम को समझने, फाइल खोजने या हाल की गतिविधियों का सार तैयार करने जैसे काम किए जा सकें। इसे सामान्य ChatGPT इस्तेमाल से अलग फीचर के रूप में समझना चाहिए।
फीचर का इस्तेमाल कैसे होता है
रिपोर्ट के अनुसार, Computer History को सक्रिय करने के बाद यह Mac पर ऐप्स और वेबसाइटों में की गई गतिविधियों से संदर्भ लेकर भविष्य की बातचीत को ज्यादा उपयोगी बनाने की कोशिश करता है। इसका उद्देश्य यूजर को पहले किए गए काम का संदर्भ दोबारा समझाने की जरूरत कम करना है। फीचर को लेकर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसे स्वेच्छा से चालू किया जाता है और यूजर के पास गतिविधि को रोकने या नियंत्रित करने के विकल्प भी हैं।
सावधानी सबसे जरूरी
इसलिए ChatGPT को लेकर ‘यह हर समय आपके डिवाइस की जासूसी करता है’ कहना सही नहीं होगा। वहीं, यह मान लेना भी ठीक नहीं है कि किसी भी फीचर को अनुमति देने के बाद कोई डेटा उपलब्ध नहीं हो सकता। स्क्रीन शेयरिंग, फाइल अपलोड, Voice और Computer History जैसे फीचर्स में मिलने वाली जानकारी अलग-अलग होती है। ऐसे में यूजर्स को अपनी Data Controls और फीचर परमिशन की नियमित रूप से जांच करनी चाहिए।
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