रक्षाबंधन(Raksha Bandhan) के दौरान उत्तर प्रदेश में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन निगम ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। 26 से 31 अगस्त तक छह दिनों के लिए ज्यादा से ज्यादा बसों को सड़क पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बसों और बस अड्डों पर सफाई, पीने के पानी, वेटिंग रूम में रोशनी और पंखों जैसी जरूरी सुविधाओं को बेहतर रखने पर जोर दिया गया है। यात्रियों की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा।
दिल्ली से मुरादाबाद और बरेली होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाली बसों के संचालन में बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली से अलीगढ़ और कानपुर के रास्ते पूर्वी यूपी जाने वाली सेवाएं भी बढ़ाई जाएंगी। पश्चिमी क्षेत्रों में अगर बसों में यात्री लोड 60 प्रतिशत से ज्यादा रहता है तो जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाई जा सकेंगी।
कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक
त्योहार के दौरान बस सेवा प्रभावित न हो, इसलिए चालकों, परिचालकों, पर्यवेक्षकों और संबंधित अधिकारियों की सामान्य छुट्टियां सीमित रहेंगी। हालांकि बीमारी या परिवार में मृत्यु जैसी गंभीर परिस्थितियों में छूट दी जाएगी। हर डिपो में कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर भी लगाया जाएगा।
1800 किमी संचालन पर 1200 रुपये
रक्षाबंधन की विशेष अवधि में नियमित और संविदा चालक-परिचालकों के लिए प्रोत्साहन योजना भी लागू होगी। छह दिनों में 1800 किलोमीटर बस चलाने वाले पात्र कर्मचारियों को 1200 रुपये मिलेंगे। संविदा कर्मचारियों को तय सीमा से अधिक दूरी पर 55 पैसे प्रति किलोमीटर की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी जबकि लोड फैक्टर 64 प्रतिशत से अधिक होना जरूरी होगा।
इसके अलावा तकनीकी कर्मचारियों को 500 रुपये और चयनित बस स्टेशनों पर बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों व पर्यवेक्षकों के लिए कुल 90 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।