नासिक के अशोक खरात के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में कोर्ट में लगभग 3000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। आरोपपत्र में 30 गवाहों के बयान शामिल हैं। ईडी का दावा है कि धार्मिक आस्था की आड़ में लोगों को ठगने और अवैध कमाई को विभिन्न माध्यमों से छिपाने का पूरा नेटवर्क जांच में सामने आया है।
‘भगवान का अवतार’ बताकर लोगों को किया गुमराह
चार्जशीट के अनुसार, अशोक खरात खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान चमत्कार का माहौल बनाने के लिए रिमोट कंट्रोल से संचालित सांप और बाघ की खाल जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे लोगों का विश्वास हासिल किया जा सके। साथ ही, इमली के बीज को दो लाख रूपये, पत्थर और शहद की बोतलों को नौ लाख रूपये में बेचा जाता था।
करोड़ों रुपये की हुई वसूली
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि अशोक खरात ने 142 बेनामी बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया। जांच के अनुसार, इस धन को सहकारी बेनामी खातों, रिश्तेदारों और सहयोगियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग कर महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में संपत्तियां खरीदने में लगाया गया। ईडी का यह भी दावा है कि अशोक खरात संपन्न कारोबारियों को दैवी प्रकोप, पारिवारिक अनहोनी या कारोबार में नुकसान का डर दिखाकर अपने प्रभाव में लेता था और अवतार पूजा, विशेष अनुष्ठान तथा दान के नाम पर उनसे बड़ी रकम वसूलता था।
राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
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