Apple Market Cap: आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल ने एक बार फिर दुनिया की सबसे महंगी कंपनी का ताज अपने नाम कर लिया है। कंपनी की मार्केट वैल्यू बढ़कर 4.9 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है, जिससे उसने 4.86 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप वाली एनविडिया को पीछे छोड़ दिया। पिछले एक साल से यह जगह एनविडिया के पास थी, लेकिन अब ऐपल ने अप्रैल के बाद दोबारा यह उपलब्धि हासिल कर ली है।
भारत में उत्पादन बना बड़ी ताकत
ऐपल की इस सफलता के पीछे भारत में बढ़ते उत्पादन और निवेशकों के मजबूत भरोसे को अहम वजह माना जा रहा है। कंपनी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग पर लगातार फोकस बढ़ाया है, जिससे उसके कारोबार को मजबूती मिली है। वहीं दूसरी ओर चिप निर्माता एनविडिया के मार्केट कैप में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसका फायदा ऐपल को मिला।
AI की दौड़ में बदली रणनीति
दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग के बीच भी ऐपल ने एनविडिया जैसी दिग्गज चिप कंपनी को पीछे छोड़ दिया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब तक ऐपल एआई के क्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक धीमी गति से आगे बढ़ रही थी और अपने मॉडल पर सीमित निवेश कर रही थी। हालांकि अब कंपनी ने इस दिशा में अपनी रणनीति बदलते हुए एआई विस्तार पर ज्यादा जोर देना शुरू कर दिया है।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा
ऐपल ने अपने एआई विस्तार को बेहतर तरीके से विकसित किया है। कंपनी का मजबूत इकोसिस्टम और हार्डवेयर अपग्रेड मॉडल भी इसकी रणनीति को मजबूती दे रहा है। इसी बीच एचएसबीसी पीएलसी ने पिछले शुक्रवार को ऐपल के शेयरों को ‘बाय’ रेटिंग दी, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ। बीते एक महीने में कंपनी के शेयरों में करीब 20% की तेजी दर्ज की गई है।
सितंबर में लॉन्च होगा फोल्डेबल iPhone
कंपनी ने सितंबर में अपना नया फोल्डेबल आईफोन लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। इसी उम्मीद में दुनियाभर के ब्रोकरेज हाउस ऐपल के कारोबार में आगे और तेजी आने का अनुमान लगा रहे हैं। जापान के शेयर बाजार निक्केई ने जून में अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ऐपल ने अपने सप्लायर्स को 1 करोड़ फोल्डेबल आईफोन के उत्पादन के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। इससे पहले कंपनी 70 से 80 लाख फोल्डेबल आईफोन तैयार करने की योजना पर काम कर रही थी।
एनविडिया का रिकॉर्ड अब भी कायम
हालांकि मार्केट कैप के मामले में ऐपल ने एनविडिया को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन पिछले साल अक्टूबर में बना एनविडिया का रिकॉर्ड अब भी बरकरार है। उस समय कंपनी ने 5 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप का आंकड़ा पार किया था। एआई पर बढ़ते वैश्विक निवेश और उसके ग्राफिक्स प्रोसेसर की मजबूत मांग ने एनविडिया की इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई थी।
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