झज्जर(Jhajjar) जिले को अधिक हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से वन विभाग ने इस मानसून में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान शुरू किया है। विभाग ने इस वर्ष जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 82 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इन पौधों में छायादार, फलदार और औषधीय प्रजातियां शामिल हैं ताकि पर्यावरण संतुलन के साथ लोगों को भी इनका लाभ मिल सके।
वन विभाग केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी उद्देश्य से स्कूलों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से लगभग 2 लाख पौधे मुफ्त में वितरित किए जाएंगे। विभाग का मानना है कि जब आम लोग इस अभियान से जुड़ेंगे तभी जिले में हरियाली का दायरा तेजी से बढ़ेगा।
पौधों की देखभाल पर रहेगा फोकस
वन विभाग का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार कम होते हरित क्षेत्र को देखते हुए पौधारोपण आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। इसलिए विभाग सिर्फ पौधे लगाने पर ही नहीं बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल पर भी बराबर जोर दे रहा है। विभागीय टीमें पहले उपयुक्त स्थानों का चयन कर रही हैं ताकि लगाए गए पौधे अच्छी तरह विकसित होकर भविष्य में बड़े और मजबूत पेड़ बन सकें।
पुराने पेड़ों के संरक्षण के लिए भी विशेष योजना
वन विभाग नए पौधों के साथ-साथ जिले के पुराने और ऐतिहासिक महत्व वाले पेड़ों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इन पेड़ों की स्थिति की निगरानी की जाती है। हरियाणा सरकार की ‘प्राण वायु देवता योजना’ के तहत झज्जर जिले के 121 ऐसे पेड़ों को संरक्षण दिया जा रहा है जिनकी आयु लगभग 70 से 80 वर्ष या उससे अधिक है।
इन पेड़ों की देखभाल करने वाले पात्र लोगों को हर वर्ष 3,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। वहीं, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इन पुराने वृक्षों का सम्मान करते हुए विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।