रायपुर के टिकरापारा इलाके में किराए के मकान से एक ही परिवार के पांच लोगों के शव बरामद हुए हैं। परिवार के मुखिया का शव फंदे से लटका मिला, जबकि चार अन्य सदस्य कमरे में मृत पाए गए। पुलिस हत्या और सामूहिक आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। आर्थिक तंगी और कर्ज की चर्चा सामने आई है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
किराए के मकान में मिला पूरा परिवार मृत
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर के मदनी चौक में एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पूरे घर को सील कर जांच शुरू कर दी। पुलिस जांच में परिवार के मुखिया साजिद अली (50) का शव फंदे से लटका मिला, जबकि उनकी पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली (19), बेटी शाहिदा बेगम (17) और इरशाबा परवीन (16) के शव एक कमरे में पाए गए। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में सामूहिक आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
FSL टीम जुटा रही मौत के सबूत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। FSL टीम घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाने में लगी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार पिछले करीब आठ महीने से किराए के मकान में रह रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि घर का दरवाजा लंबे समय तक बंद रहने पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को अभी खारिज नहीं किया गया है।
आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान
स्थानीय लोगों के मुताबिक, साजिद अली बैटरी रिपेयरिंग का काम करते थे और परिवार पर कुछ कर्ज भी था। बताया जा रहा है कि लोन की वसूली के लिए रिकवरी एजेंट अक्सर घर आते थे, जिससे परिवार आर्थिक दबाव में था। जबकि, पुलिस ने अभी तक आत्महत्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारी परिवार के परिचितों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का पता चलेगा।

