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ट्रंप सरकार की नई नीति से भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर संकट, बिना वैध कागजात वाले ड्राइवर की जगह सैनिकों को मिलेगी कमान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के कमर्शियल ट्रकिंग वर्कफोर्स में बड़े बदलाव का वादा किया है। उन्होंने पेंसिल्वेनिया के एक पुलिस अधिकारी की जान लेने वाले घातक हाईवे हादसे के बाद, बिना वैध कागजात वाले ड्राइवरों की जगह अमेरिकी सेना के पूर्व सैनिकों को रखने की योजना की घोषणा की है।

ट्रंप ने जिन ड्राइवरों को हटाने की बात कही है, उन्हें सड़क पर गाड़ी चलाने के लिए अयोग्य बताया। उन्होंने कहा, “वे साइन नहीं पढ़ सकते,” और आरोप लगाया कि उनमें से कई ड्रग्स या शराब के नशे में होते हैं।

इस कदम की वजह क्या है?

यह कदम 1 जुलाई को पेंसिल्वेनिया स्टेट पुलिस के ट्रूपर माइकल ई. पहिरा जूनियर की मौत के बाद उठाया गया है। एक कमर्शियल ट्रक की टक्कर से उनकी मौत हो गई थी। ड्राइवर, 33 वर्षीय माइकल बॉन पर अब गाड़ी से हत्या, गंभीर हमला और अनजाने में हत्या के साथ-साथ कई ट्रैफिक अपराधों के आरोप हैं।

पूर्व सैनिकों को तेज़ी से लाइसेंस मिलेंगे

बुधवार को बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार बिना वैध कागज़ात वाले ड्राइवरों को हटाने से खाली हुई जगह को भरने के लिए पूर्व सैनिकों को तैनात करेगी। उन्होंने इसे आर्थिक उपाय के बजाय जन-सुरक्षा का उपाय बताया।

रॉयटर्स के अनुसार, सेना में रहते हुए भारी ट्रक चलाने वाले किसी भी पूर्व सैनिक को अब कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस के लिए सामान्य सर्टिफिकेशन प्रक्रिया से गुज़रे बिना ही ऑटोमैटिक रूप से योग्य माना जाएगा।

भारतीय मूल के ड्राइवरों के लिए यह क्यों मायने रखता है?

नीति में इस बदलाव से भारतीय मूल के लोगों के एक बड़े वर्कफोर्स पर खतरा मंडरा रहा है। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन का अनुमान है कि अमेरिकी हाईवे पर 1,30,000 से 1,50,000 ट्रक ड्राइवर मूल रूप से पंजाब और हरियाणा से हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा बताता है कि यह समुदाय आने वाली सख्ती की चपेट में सबसे ज़्यादा आ सकता है।

सख्ती के पीछे का कानून

ट्रंप का यह नया कदम फरवरी में शुरू की गई ‘दलीलाह लॉ’ नीति का विस्तार है। यह कानून पहले से ही बिना वैध कागज़ात वाले अप्रवासियों को ट्रक या अन्य कार्गो वाहन चलाने का लाइसेंस लेने से रोकता है।

इस कानून का नाम बेकर्सफील्ड की एक पांच साल की बच्ची के नाम पर रखा गया है। उसके पिता का कहना है कि प्रताप सिंह नाम के बिना वैध कागज़ात वाले भारतीय अप्रवासी की वजह से हुए एक बड़े हादसे में बच्ची की बोलने की क्षमता चली गई थी और उसे दोबारा चलना सीखना पड़ा था।

डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी ने जून 2024 के हादसे के लिए सिंह को ज़िम्मेदार ठहराया था, क्योंकि वह कंस्ट्रक्शन ज़ोन में असुरक्षित गति से गाड़ी चला रहा था।

जांच-पड़ताल का सिलसिला

भारतीय ट्रक ड्राइवर तेज़ी से अधिकारियों की नज़र में आ रहे हैं। खबरों के मुताबिक, पिछले महीने अमेरिका के एरिज़ोना के यूमा सेक्टर में गैर-कानूनी तरीके से रहने के आरोप में पकड़े गए 52 लोगों में 30 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन चेकमेट’ नाम की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा थी, जिसका मकसद बिना कानूनी स्टेटस वाले कमर्शियल ड्राइवरों पर कार्रवाई करना था।

 

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