पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ फिर जहर उगला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने जल अधिकारों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि यह बयान बिलावल भुट्टो ने इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर आयोजित एक सेमिनार के दौरान दिया।
‘सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए जीवनरेखा’
अपने संबोधन में बिलावल भुट्टो ने कहा कि अगर कोई यह मानता है कि पाकिस्तान सिंधु नदी से जुड़े अपने अधिकारों से पीछे हट जाएगा, तो वह पाकिस्तान की भावना को नहीं समझता। उन्होंने कहा “अगर किसी को लगता है कि पाकिस्तान सिंधु को छोड़ देगा, तो वे पाकिस्तान को नहीं जानते। वे सिंध, पंजाब, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के लोगों को नहीं जानते, जो सदियों से इन नदियों के किनारे रहते आए हैं।”
जल अधिकारों पर दिया सख्त संदेश
PPP अध्यक्ष ने कहा कि बिलावल भुट्टो पाकिस्तान अपने पानी, अपने नागरिकों, सिंधु जल संधि और अपने भविष्य की रक्षा करेगा। उनके अनुसार, पाकिस्तान के जल अधिकारों को प्रभावित करने वाली किसी भी कोशिश का देश स्तर पर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सिंधु नदी को किसी तरह के राजनीतिक या रणनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
बिलावल भुट्टो ने अपने भाषण में कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, पानी से जुड़ा मुद्दा सिर्फ तकनीकी या कानूनी विवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस मुद्दे पर अपना पक्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भी मजबूती से रखना चाहिए।
भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान में बढ़ी चिंता
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान में जल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। विशेष रूप से सिंध और बलूचिस्तान जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में पानी की कमी को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
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