रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच, सोमवार को यूक्रेन के कई शहरों पर ज़बरदस्त मिसाइल और ड्रोन हमले हुए। इन हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें नागरिकों को निशाना बनाने वाला गंभीर कृत्य बताया। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से 16,000 से ज़्यादा यूक्रेनी नागरिकों की जान जा चुकी है। यूक्रेन का आरोप है कि रूस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाकर आम नागरिकों का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहा है।
कई शहरों में तबाही; नागरिकों को बनाया गया निशाना
निप्रो शहर में रूसी मिसाइल हमले में छह लोगों की मौत हो गई और 29 घायल हो गए। वहीं, ज़ापोरिज्जिया में एक रूसी ड्रोन ने यात्री बस को निशाना बनाया, जिसमें एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। सुमी क्षेत्र में ड्रोन हमलों के दौरान एक बुजुर्ग महिला और एक पुरुष की मौत हो गई। इसके अलावा, खार्किव में दिनदहाड़े हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच घायल हो गए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, देश के छह अन्य क्षेत्रों में भी घातक हमले हुए।
हमलों के बाद बिजली संकट गहराया
लगातार हमलों के कारण यूक्रेन के आठ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से अपील करते हुए कहा कि रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए आधुनिक वायु रक्षा और एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम की तत्काल आवश्यकता है।
रूस में ईंधन संकट, फिर भी पुतिन अडिग
दूसरी ओर, यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूसी तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले तेज़ कर दिए हैं। इन हमलों ने रूस और रूस के कब्ज़े वाले इलाकों में ईंधन आपूर्ति को बाधित किया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार स्वीकार किया कि इन हमलों के कारण देश में ईंधन संकट पैदा हो गया है और कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि, पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस अपने सैन्य अभियान से पीछे नहीं हटेगा। वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी कहा कि रूस का उद्देश्य वही है और उसकी सेना आगे बढ़ती रहेगी।

