राजधानी दिल्ली(Delhi) में जारी गर्मी और उमस का असर अब बिजली की खपत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार को दिल्ली में बिजली की मांग ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। दोपहर करीब 3:17 बजे बिजली की अधिकतम मांग 8748 मेगावाट (MW) दर्ज की गई जो दिल्ली के इतिहास में सबसे अधिक बताई जा रही है।
हालांकि, दिन का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा लेकिन तेज धूप और उमस के कारण लोगों को गर्मी का अहसास इससे कहीं ज्यादा हुआ। गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने एसी, कूलर, पंखे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा दिया है जिसका सीधा असर बिजली की मांग पर पड़ा है।
SLDC के आंकड़ों में सामने आई रिकॉर्ड डिमांड
दिल्ली स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को दर्ज हुई 8748 MW की मांग अब तक का सबसे बड़ा स्तर है। इससे पहले दिल्ली में बिजली की सबसे अधिक मांग 8656 MW दर्ज की गई थी जो जून 2024 में सामने आई थी।
इस साल भी मई महीने में बिजली की खपत काफी बढ़ी थी और 25 मई को मांग 8439 MW तक पहुंच गई थी। हालांकि मौसम में थोड़े सुधार के बाद बिजली की खपत में कुछ कमी आई थी।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है जरूरत
मौसम में फिर से गर्मी और नमी बढ़ने के कारण बिजली की मांग लगातार ऊपर जा रही है। खास बात यह है कि केवल दोपहर ही नहीं बल्कि सुबह के समय भी बिजली की खपत में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्मी और उमस का दौर जारी रहा, तो आने वाले दिनों में दिल्ली में बिजली की मांग का नया स्तर देखने को मिल सकता है। बिजली वितरण कंपनियां बढ़ती मांग को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर लगातार काम कर रही हैं।