केरल के कन्नूर से सऊदी अरब के जेद्दाह के लिए रवाना हुई एयर इंडिया एक्सप्रेस(AI Express flight) की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान मंगलवार सुबह तकनीकी समस्या की आशंका के कारण चर्चा का विषय बन गई। विमान ने निर्धारित समय पर उड़ान तो भर ली लेकिन कुछ ही देर बाद क्रू को एक संभावित तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला।
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पायलटों ने तुरंत स्थिति का आकलन किया और विमान को वापस कन्नूर लौटाने का निर्णय लिया। हालांकि घटना के दौरान किसी प्रकार की आपात स्थिति नहीं बनी, लेकिन यात्रियों के लिए यह अनुभव निश्चित रूप से चिंता बढ़ाने वाला रहा।
उड़ान के आधे घंटे बाद लिया गया अहम फैसला
जानकारी के मुताबिक, विमान ने सुबह करीब 7 बजे कन्नूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। उड़ान शुरू होने के लगभग 30 मिनट बाद तकनीकी सिस्टम से जुड़ी एक संभावित समस्या की जानकारी सामने आई। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद सख्ती से किया जाता है, इसलिए पायलटों ने जोखिम लेने के बजाय विमान को वापस उसी हवाई अड्डे पर ले जाने का फैसला किया, जहां से उड़ान शुरू हुई थी।
एयरलाइन और विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में एहतियात के तौर पर लिया गया यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी होता है।
ईंधन की वजह से आसमान में लगाने पड़े कई चक्कर
विमान को तुरंत उतारना आसान नहीं था क्योंकि जेद्दाह जैसी लंबी दूरी की उड़ान के लिए उसमें बड़ी मात्रा में ईंधन भरा गया था। किसी भी विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए उसका वजन निर्धारित सीमा के भीतर होना आवश्यक होता है।
इसी कारण विमान को कुछ समय तक हवा में ही उड़ते रहना पड़ा। इस दौरान पायलटों ने नियंत्रित तरीके से ईंधन की मात्रा कम करने की प्रक्रिया अपनाई। बताया जा रहा है कि विमान ने कन्नूर क्षेत्र के ऊपर लगभग 18 चक्कर लगाए ताकि लैंडिंग से पहले उसका वजन सुरक्षित स्तर तक पहुंच सके।
सुरक्षित लैंडिंग से मिली राहत
करीब दो घंटे की प्रक्रिया के बाद विमान ने सुबह लगभग 9 बजे सुरक्षित रूप से कन्नूर हवाई अड्डे पर लैंडिंग की। विमान में कुल 180 यात्री सवार थे।
जैसे ही विमान सुरक्षित जमीन पर उतरा यात्रियों, उनके परिजनों और एयरपोर्ट अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हवाई अड्डे पर पहले से ही आवश्यक सुरक्षा और तकनीकी टीमें तैयार थीं जिन्होंने विमान के उतरते ही उसकी जांच शुरू कर दी।
APU से जुड़ी समस्या की जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में पहले भी ऑक्सिलरी पावर यूनिट (APU) से संबंधित एक तकनीकी समस्या सामने आई थी। एपीयू विमान का एक महत्वपूर्ण सहायक सिस्टम होता है जो जमीन पर और कुछ विशेष परिस्थितियों में बिजली एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराता है।
हालांकि एयरलाइन के तकनीकी कर्मचारियों ने उस समस्या को पहले ही दूर कर दिया था और विमान को उड़ान के लिए मंजूरी भी मिल गई थी। अब विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि उड़ान के दौरान सामने आई नई तकनीकी चेतावनी का उस पुरानी समस्या से कोई संबंध था या नहीं।