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भिवाड़ी की जैगुआर फैक्ट्री में बड़ा हादसा, 5 दिन पहले बनी टंकी के ढहने से 3 मासूमों की दर्दनाक मौत

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी क्षेत्र में स्थित एक निर्माणाधीन औद्योगिक प्लांट(Jaguar factory )में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। दोपहर के समय पानी से भरी एक टंकी की दीवार अचानक ढह गई जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। इस हादसे में तीन बच्चों की जान चली गई जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, निर्माण स्थल पर काम कर रहे श्रमिकों की संख्या बढ़ने के कारण वहां मौजूद पानी की टंकी को बड़ा करने का निर्णय लिया गया था। पहले यह टंकी जमीन के स्तर पर थी, लेकिन पानी की जरूरत को देखते हुए इसकी ऊंचाई बढ़ाई गई। कुछ दिन पहले ही दीवारों को लगभग तीन फीट और ऊंचा कर नया प्लास्टर किया गया था।

बताया जा रहा है कि टंकी का आकार बढ़ाकर लगभग चार फीट चौड़ा, दस फीट लंबा और छह फीट ऊंचा कर दिया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के तुरंत बाद इसमें पानी भर दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नई संरचना को मजबूत होने के लिए पर्याप्त समय देना आवश्यक होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

पानी का दबाव नहीं झेल सकीं दीवारें

हादसे की शुरुआती जांच में सामने आया है कि टंकी की दीवारें पूरी तरह मजबूत होने से पहले ही उनमें पानी भर दिया गया था। लगातार पानी के दबाव के कारण दीवारों में कमजोरी आ गई और आखिरकार वे टूटकर गिर गईं। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे कुछ श्रमिक और उनके बच्चे टंकी के पास पहुंचे थे।

कुछ लोग पानी पी रहे थे जबकि कुछ हाथ-मुंह धो रहे थे और बच्चे नहाने का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान अचानक टंकी की दीवारें टूट गईं। दीवार गिरते ही बड़ी मात्रा में पानी बाहर निकल आया और उसके साथ मलबा भी आसपास मौजूद लोगों पर आ गिरा।

मासूम बच्चों पर टूटा कहर

हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि इसकी चपेट में कई बच्चे आ गए। भारी मलबे और तेज पानी के बहाव के कारण बच्चों को संभलने का मौका नहीं मिला। दुर्घटना में तीन बच्चों की मौत हो गई जबकि कुछ अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस स्थान पर कुछ मिनट पहले बच्चों की चहल-पहल थी वहां अचानक मातम छा गया।

श्रमिक ने दिखाई हिम्मत

हादसे के समय वहां मौजूद एक वेल्डर ने बताया कि उसने दीवारों में दरारें पड़ती देख ली थीं। उसे आशंका हुई कि दीवार कभी भी गिर सकती है। स्थिति को भांपते हुए उसने तुरंत कुछ बच्चों को वहां से हटाने का प्रयास किया।

उसकी सतर्कता से कुछ बच्चों की जान बच गई लेकिन इससे पहले कि सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके दीवार भरभराकर गिर गई। वह खुद भी हादसे में घायल हुआ, हालांकि गंभीर चोटों से बच गया।

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