दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(Rekha Gupta) ने रविवार को गीता कॉलोनी स्थित दशमेश घाट पर आयोजित एक विशेष स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। इस अभियान का उद्देश्य यमुना नदी के किनारों और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाना तथा लोगों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन से जुड़ी धरोहर है जिसकी स्वच्छता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
अभियान की शुरुआत सुबह के समय हुई जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। सफाई कार्य के दौरान नदी तट पर फैले कचरे को हटाया गया और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया। CM रेखा ने स्वयं भी अभियान में भाग लेकर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक अभियान की सफलता तभी संभव है जब उसमें आम नागरिक सक्रिय भूमिका निभाएं। यमुना की सफाई केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
केवल सफाई नहीं, जागरूकता भी है जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का मकसद केवल कचरा हटाना नहीं है, बल्कि लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य वस्तुएं नदी में प्रवाहित कर देते हैं जिससे जल प्रदूषण बढ़ता है।
उनका कहना था कि यदि लोग अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव लाएं और कचरे का उचित निस्तारण करें तो नदी को प्रदूषण से बचाने में बड़ी मदद मिल सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानें बल्कि इसे सामाजिक कर्तव्य के रूप में देखें।
यमुना की स्वच्छता का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेगी ताकि यमुना की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि नदी को साफ और निर्मल बनाने के लिए लगातार प्रयासों की आवश्यकता है और इसके लिए प्रशासन तथा जनता के बीच बेहतर सहयोग जरूरी है।
आस्था और पर्यावरण के बीच संतुलन की जरूरत
अपने संबोधन में CM रेखा ने यह भी कहा कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना महत्वपूर्ण है लेकिन पर्यावरण संरक्षण को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को नदी में डालने के बजाय निर्धारित स्थानों पर ही निस्तारित करें।
नागरिकों की भागीदारी से बदलेगी तस्वीर
CM रेखा ने विश्वास जताया कि यदि दिल्लीवासी सामूहिक रूप से इस अभियान का हिस्सा बनें तो यमुना को फिर से स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी ओर से आवश्यक कदम उठा रही है लेकिन स्थायी परिवर्तन तभी संभव होगा जब नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझें और नदी को प्रदूषण से मुक्त रखने में सहयोग करें।