LPG Crude Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों और किसानों को राहत देते हुए साफ किया है कि देश में कच्चे तेल, एलपीजी, प्राकृतिक गैस और उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी आवश्यक वस्तु की कमी की आशंका नहीं है।
60 दिनों से अधिक का तेल और गैस भंडार
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। उनके अनुसार देश के पास 60 दिनों से अधिक की खपत के लिए कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश में ऊर्जा आपूर्ति पर कोई खतरा नहीं है।
LPG उत्पादन में बड़ा इजाफा
सरकार के अनुसार भारत ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम की है। घरेलू एलपीजी उत्पादन पहले 32,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन था, जो अब बढ़कर 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है। वर्तमान में देश के पास 75 से 80 दिनों की जरूरत पूरी करने लायक एलपीजी भंडार मौजूद है।
दुनिया में बढ़े दाम
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि मई 2022 से मई 2026 के बीच वैश्विक स्तर पर पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली, जबकि भारत में कीमतों में 3.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई, जिससे सरकारी खजाने पर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा, लेकिन आम लोगों को राहत मिली।
वैकल्पिक ईंधन पर सरकार का फोकस
सरकार वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है। इसी दिशा में दिसंबर 2026 तक ई85 ईंधन पंपों की संख्या 500 तक पहुंचाने और दिसंबर 2027 तक इसे बढ़ाकर 5,000 करने का लक्ष्य तय किया गया है।
खरीफ और रबी सीजन के लिए खाद पर्याप्त
इंदौर में ब्रिक्स कृषि बैठक के समापन के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए देश में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि मौजूदा खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हैं और आगामी रबी सीजन के लिए भी अग्रिम तैयारियां की जा रही हैं।
किसानों को पुरानी दरों पर मिलेगी यूरिया और डीएपी
कृषि मंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद किसानों को यूरिया और डीएपी पुरानी रियायती दरों पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। बढ़ी हुई लागत का अतिरिक्त भार केंद्र सरकार स्वयं वहन करेगी ताकि किसानों पर आर्थिक दबाव न बढ़े।
अल नीनो के प्रभाव से निपटने की तैयारी
मानसून को प्रभावित करने वाले अल नीनो के संभावित असर को लेकर भी सरकार सतर्क है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा चुकी हैं। साथ ही कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
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