HomeBreaking News'2017 से पहले दुर्गा पूजा पर होते थे दंगे...', गोंडा में बोले...

‘2017 से पहले दुर्गा पूजा पर होते थे दंगे…’, गोंडा में बोले सीएम योगी

गोंडा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) ने राज्य की पूर्ववर्ती सरकारों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। आम लोगों को सुरक्षा को लेकर चिंता रहती थी और कई क्षेत्रों में दंगे, तनाव तथा कर्फ्यू जैसी परिस्थितियां देखने को मिलती थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस समय अपराध और अराजकता का माहौल आम जनजीवन को प्रभावित करता था।

अपने संबोधन के दौरान CM योगी  ने गोंडा जिले में वर्ष 2015-16 के दौरान दुर्गा पूजा के समय उत्पन्न हुए विवादों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में धार्मिक आयोजनों को लेकर कई प्रकार की परेशानियां सामने आती थीं। उनका कहना था कि कुछ तत्व त्योहारों के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते थे, जिसके कारण सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता था। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार धार्मिक कार्यक्रमों और प्रतिमा विसर्जन जैसी परंपराओं के आयोजन में भी बाधाएं उत्पन्न की जाती थीं।

गिनाईं वर्तमान सरकार की उपलब्धियां 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। उनके मुताबिक, आज प्रदेश में सभी समुदायों के लोग अपने-अपने त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां किसी भी व्यक्ति को अपनी धार्मिक या सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

जनसभा को संबोधित करते हुए CM योगी ने कहा कि राज्य में शांति और भाईचारे का वातावरण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने या त्योहारों के दौरान अव्यवस्था फैलाने का प्रयास करेंगे उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की अराजकता या अशांति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इसके साथ ही CM योगी ने अपने भाषण के दौरान जनता से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का चयन केवल राजनीतिक निर्णय नहीं होता बल्कि उसका सीधा प्रभाव आम नागरिकों के जीवन, सुरक्षा और विकास पर पड़ता है। इसलिए मतदाताओं को अपने अनुभव और प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।

यह भी पढ़ें : अखबार में स्ट्रीट फूड्स परोसना पड़ सकता है भारी…

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments