Tamil Nadu Politics K Annamalai: तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई को लेकर राज्य की राजनीति डगमगाने लगी है। सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई ने बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात के लिए समय मांगा है और माना जा रहा है कि वह 3 जून को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने किसी भी अटकल पर आधिकारिक तौर पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है।
एयरपोर्ट पर दिए संकेत
दिल्ली रवाना होने से पहले चेन्नई एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने अन्नामलाई से उनके अगले कदम को लेकर सवाल पूछे। इस पर उन्होंने कहा कि ‘प्लीज वेट, दो दिन का समय दीजिए, सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा।’ उनके इस बयान के बाद ये अटकलें और तेज हो गई हैं कि वह जल्द ही कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
कार से BJP का हटाया झंडा
सोमवार को जब अन्नामलाई एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उनकी कार के आगे बीजेपी का झंडा नहीं लगा था। इससे लोगों के बीच बातें और बढ़ गईं। हालांकि इस संबंध में अन्नामलाई की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है, लेकिन इसे उनके संभावित राजनीतिक फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
समीक्षा बैठक से दूरी ने भी खड़े किए सवाल
पिछले सप्ताह तमिलनाडु बीजेपी ने विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन की समीक्षा के लिए एक अहम बैठक बुलाई थी। अन्नामलाई इस बैठक में शामिल नहीं हुए। उन्होंने अपने शामिल न होने का कारण पहले से तय नेपाल दौरा बताया था। हालांकि उनकी गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए।
भाषा नीति पर विरोध के बाद बढ़ी नाराजगी
हाल ही में अन्नामलाई ने केंद्र सरकार की तीन-भाषा नीति को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी असहमति जाहिर की थी। इसके बाद से उनके बीजेपी से नाराज होने की अटकलें तेज हो गईं। खास बात यह है कि सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले अन्नामलाई ने अब तक इन अफवाहों का न तो खंडन किया है और न ही कोई सफाई दी है।
बना सकते हैं कोई नई पार्टी ?
कुछ क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अन्नामलाई जल्द ही ‘मक्कल शक्ति इयक्कम’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि इन दावों की किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तमिलनाडु BJP में अहम चेहरा रहे हैं अन्नामलाई
अन्नामलाई ने वर्ष 2021 से 2025 तक तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में पार्टी के संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामक राजनीतिक शैली और जनसंपर्क अभियानों ने उन्हें राज्य राजनीति का प्रमुख चेहरा बनाया।
गठबंधन राजनीति को लेकर भी रही असहजता
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, हालिया विधानसभा चुनाव में बीजेपी और AIADMK के गठबंधन को लेकर अन्नामलाई पूरी तरह सहज नहीं थे। उनके समर्थकों का मानना है कि चुनावी अभियान के दौरान उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं मिला, जिससे वह निराश थे। हालांकि इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
3 जून पर टिकीं सबकी निगाहें
फिलहाल अन्नामलाई और बीजेपी की ओर से किसी भी संभावित फैसले की पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन लगातार सामने आ रहे संकेतों ने 3 जून को बेहद अहम बना दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अन्नामलाई बीजेपी में बने रहेंगे या फिर तमिलनाडु की राजनीति में कोई नया अध्याय शुरू करेंगे।
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