कानपुर में पुलिस कमिश्नरेट में उस समय तनाव पैदा हो गया, जब ITBP के 40-50 हथियारबंद जवान परिसर में पहुँच गए। वे अपने एक साथी की शिकायत पर कथित तौर पर कोई कार्रवाई न होने का विरोध कर रहे थे, यह शिकायत मेडिकल लापरवाही से जुड़ी थी।
हथियारबंद और वर्दी पहने ITBP के जवानों ने कमिश्नरेट के अंदर अलग-अलग जगहों पर मोर्चा संभाल लिया, जिससे करीब एक घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। बताया जा रहा है कि सशस्त्र बलों के जवानों की इतनी बड़ी तैनाती देखकर पुलिसकर्मी पीछे हट गए।
कानपुर में तो ग़ज़ब हो गया #ITBP के 40-50 जवान वो भी हथियारों के साथ पुलिस कमिश्नर के ऑफिस पहुंच गये ! कमिश्नर ऑफिस की सुरक्षा में तैनात पुलिस वाले उन्हें रोक नहीं पाए ! #IPBP के एक कमांडो की मां का उपचार कर दौरान हाथ काटे जाने से नाराज़ थे जवान ! @Uppolice pic.twitter.com/0G7xMRNOsp
— Tushar Srivastava (@TusharSrilive) May 23, 2026
यह विवाद ITBP कमांडो विकास सिंह द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है। विकास सिंह की माँ, निर्मला देवी का इलाज टाटमिल चौराहे के पास स्थित कृष्णा अस्पताल में पेट की बीमारी के लिए चल रहा था। परिवार ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान हुई लापरवाही के कारण उनकी माँ के हाथ में गंभीर संक्रमण हो गया, जिसके चलते आखिरकार उनका हाथ काटना पड़ा।
19 मई को विकास सिंह अपनी माँ का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर के दफ़्तर पहुँचे थे और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद इस मामले को जाँच के लिए CMO के पास भेज दिया गया था। हालाँकि, जाँच समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी, कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकला और न ही कोई कार्रवाई की गई।
इस देरी से नाराज़ होकर, ITBP के अधिकारी और जवान, अन्य जवानों के साथ कमिश्नरेट पहुँचे और उन्होंने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस कमिश्नर, CMO और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद, इस मामले को फिलहाल सुलझा लिया गया और CMO को निर्देश दिया गया कि वे एक नई जाँच करें ताकि यह पता चल सके कि क्या वाकई कोई मेडिकल लापरवाही हुई थी।
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