Falta Repoll: पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर गुरुवार सुबह 7 बजे से पुनर्मतदान शुरू हो गया। निर्वाचन आयोग के अनुसार, सीट के 285 बूथों पर शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। राज्य में बीजेपी की जीत और ममता बनर्जी के 15 साल पुराने शासन के खत्म होने के बाद यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। मतदान को शांतिपूर्ण कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और इलाके के चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
TMC उम्मीदवार ने छोड़ा मैदान
फालता सीट पर पुनर्मतदान से ठीक पहले बड़ा TMC के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव मैदान से हटने का ऐलान कर दिया। उन्होंने मतदान से दो दिन पहले यानी 18 मई को खुद को चुनावी मुकाबले से अलग करने की घोषणा की। फालता को लंबे समय से टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, ऐसे में उम्मीदवार के अचानक पीछे हटने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
‘पुष्पा’ अंदाज में किया था प्रचार
चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान लगातार सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने अपनी चुनावी छवि फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह पेश की थी और जनसभाओं में ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ जैसे डायलॉग बोलकर लोगों को संबोधित करते थे। इतना ही नहीं, मतदान से पहले उन्होंने मौके पर तैनात पुलिस ऑब्जर्वर अजयपाल शर्मा को भी सार्वजनिक मंच से चुनौती देते हुए कहा था कि वह किसी प्रशासनिक दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। हालांकि, राज्य में टीएमसी की हार और फालता में दोबारा मतदान की घोषणा के बाद उनका अचानक पीछे हटना अब चर्चा का विषय बन गया है।
TMC की हो रही किरकिरी
जहांगीर खान के चुनाव से हटने के बाद सोशल मीडिया पर टीएमसी की खूब किरकिरी हो रही है। विपक्षी दल लगातार इसे पार्टी की कमजोरी और हार के डर से जोड़कर हमला बोल रहे हैं।
EVM में रहेगा उम्मीदवार का नाम
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि तकनीकी रूप से अब ईवीएम से उम्मीदवार का नाम हटाना संभव नहीं है। आयोग के मुताबिक, नामांकन और नाम वापसी की कानूनी समय-सीमा पहले ही पूरी हो चुकी है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर जहांगीर खान का नाम, फोटो और टीएमसी का ‘जोड़ा फूल घास’ चुनाव चिन्ह पहले की तरह ही दिखाई देगा।
TMC का पोलिंग एजेंट नहीं होगा मौजूद
हालांकि उम्मीदवार के पीछे हटने के बाद टीएमसी ने मतदान प्रक्रिया से दूरी बना ली है। पार्टी का कोई भी पोलिंग एजेंट या कार्यकर्ता बूथों पर मौजूद नहीं रहेगा। ऐसे में अब मुख्य मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार देवांशु पांडा और अन्य प्रत्याशियों के बीच माना जा रहा है। राजनीतिक दलों की नजर इस सीट के नतीजों पर टिकी हुई है, क्योंकि यह परिणाम राज्य की नई राजनीतिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
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